हरियाणा पुलिस के खिलाफ मानवाधिकार और NC-ST कमीशन में शिकायत, आरोप- बिना नोटिस दिए रात को घरों में घुसी

हिसार GJU विवाद में JJP ने पुलिस के खिलाफ मानवाधिकार और NC-ST आयोग में शिकायत दी। रात में दबिश और बदसलूकी के आरोप, 27 अप्रैल को महापंचायत का ऐलान।

हरियाणा पुलिस के खिलाफ मानवाधिकार और NC-ST कमीशन में शिकायत, आरोप- बिना नोटिस दिए रात को घरों में घुसी

हिसार में पुलिस कार्रवाई पर घिरी हरियाणा पुलिस, JJP पहुंची आयोग
मानवाधिकार और NC-ST आयोग में शिकायत, रात में दबिश के आरोप
27 अप्रैल को ‘छात्र हित महापंचायत’ का ऐलान, विवाद बढ़ा


हरियाणा के हिसार में गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) विवाद के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। जजपा (JJP) के 6 नेताओं की गिरफ्तारी के बाद मामला अब मानवाधिकार आयोग और NC-ST (नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड ट्राइब्स) तक पहुंच गया है। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ ईमेल और डाक के जरिए शिकायत दर्ज कराई है।

जजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि हिसार पुलिस ने उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया। आरोप है कि पुलिस ने रात के समय बिना नोटिस घरों में दबिश दी और वहां महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी नहीं थी। इस दौरान परिजनों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।

जजपा के एससी सेल जिला अध्यक्ष बिजेंद्र की ओर से एससी-एसटी आयोग को भेजे गए पत्र में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि पुलिस ने घर में घुसकर बदसलूकी की और डीवीआर निकालते समय एक नाबालिग बच्ची के ऊपर चढ़ने तक की घटना सामने आई।

इस मामले में पुलिस ने जितेंद्र श्योराण, बिजेंद्र, गौरव सैनी, तरुण गोयल, दीपक और रविंद्र कुमार को गिरफ्तार किया था। यह सभी नेता 16 अप्रैल को GJU में हुए प्रदर्शन के बाद दर्ज केस में नामजद हैं।

घटना के बाद वकीलों ने भी नाराजगी जाहिर की है। हिसार, कैथल और फतेहाबाद समेत कई जिलों में बार एसोसिएशन ने काम बंद रखा, जबकि सिरसा बार में घटना की निंदा का प्रस्ताव पारित किया गया।

इधर, पंचकूला में हुई JJP की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। पार्टी ने ऐलान किया है कि 27 अप्रैल को हिसार में ‘छात्र हित महापंचायत’ आयोजित की जाएगी। इस फैसले के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। एसपी हिसार ने सभी थाना प्रभारियों की बैठक लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला ने इस पूरे मामले पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने DGP से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन न तो कॉल का जवाब मिला और न ही मैसेज का। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका नंबर तक ब्लॉक कर दिया गया।

गौरतलब है कि यह विवाद 17 अप्रैल को उस समय बढ़ा जब दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला GJU केस में गिरफ्तारी देने के लिए SP ऑफिस जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में CIA इंचार्ज पवन कुमार ने काफिला रोककर हथियार तान दिया और गाड़ी से कुचलने की कोशिश की।पूरा मामला अब सियासी और कानूनी मोड़ ले चुका है, जिस पर सभी की नजर बनी हुई है।