हरियाणा के 21 HPS अफसर बने IPS, गृह मंत्रालय ने लगाई मुहर
हरियाणा के 21 HPS अधिकारियों को IPS प्रमोशन मिला है। 4 अधिकारी रिटायर हो चुके हैं, जबकि 2 अधिकारियों का प्रमोशन फिलहाल प्रोविजनल रखा गया है।
➤हरियाणा के 21 HPS अफसर बने IPS
➤4 अफसर रिटायर, 3 को दोबारा नौकरी का मौका
➤2 अधिकारियों का प्रमोशन फिलहाल प्रोविजनल रखा गया
हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) के 21 अधिकारियों को लंबे इंतजार के बाद आखिरकार IPS प्रमोशन मिल गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रमोशन कमेटी की सिफारिशों पर मुहर लगा दी है। इससे हरियाणा पुलिस विभाग में खुशी और हलचल दोनों देखने को मिल रही है। प्रमोशन कमेटी की बैठक 28 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसके बाद अब आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इन 21 अधिकारियों में कई ऐसे नाम शामिल हैं जो वर्षों से प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे। खास बात यह है कि इनमें से 4 अधिकारी पहले ही रिटायर हो चुके हैं, लेकिन फिर भी उन्हें प्रमोशन का लाभ दिया गया है। इनमें से 3 अधिकारियों को दोबारा आईपीएस अधिकारी के रूप में कुछ समय तक सेवा देने का अवसर मिलेगा, जबकि एक अधिकारी को केवल पेंशन और इंक्रीमेंट का लाभ मिलेगा।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, चयन सूची 2020 में राजीव देशवाल और मुकेश कुमार, चयन सूची 2021 में धर्मवीर, बलजिंद्र सिंह और जयबीर सिंह, चयन सूची 2022 में ध्यान सिंह पुनिया, ताहिर हुसैन और राजेश कुमार, चयन सूची 2023 में रविंद्र कुमार, चयन सूची 2024 में नरेंद्र सिंह, विजय सिंह और सिद्धार्थ ढांडा तथा चयन सूची 2025 में ममता खरब, करण गोयल और संदीप कुमार को शामिल किया गया है।
प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में वीरेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, कृष्ण कुमार और राजकुमार वालिया ऐसे अधिकारी हैं जो पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनमें से 3 अधिकारियों को कुछ समय के लिए आईपीएस अधिकारी के रूप में दोबारा सेवा देने का मौका मिलेगा। वहीं कृष्ण कुमार की आयु सीमा 60 वर्ष पार कर चुकी है, इसलिए उन्हें केवल वेतन वृद्धि और पेंशन संबंधी लाभ मिलेंगे।
इसके अलावा दो HPS अधिकारियों सुमेर सिंह और तान्या को फिलहाल प्रोविजनल प्रमोशन दिया गया है। इन दोनों के खिलाफ अदालतों में आपराधिक मामले लंबित बताए गए हैं। गृह मंत्रालय के आदेशों के मुताबिक यदि दिसंबर 2026 तक इनके केस समाप्त हो जाते हैं तो इन्हें नियमित प्रमोशन का लाभ मिल जाएगा।
हरियाणा पुलिस विभाग में इस फैसले को बड़े प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है। वहीं प्रोविजनल प्रमोशन और रिटायर अफसरों को दोबारा सेवा का मौका मिलने को लेकर विभाग में अलग-अलग चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
Akhil Mahajan