हरियाणा में बाढ़ के बाद CM ने विधायकों-प्रत्याशियों को उतारा फील्ड में

हरियाणा में भारी बारिश और नदियों में उफान से 10 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। सीएम नायब सैनी ने विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों को फील्ड में उतारने का फैसला लिया है। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने 5 सितंबर को रोहतक में बैठक बुलाई है।

हरियाणा में बाढ़ के बाद  CM ने विधायकों-प्रत्याशियों को उतारा फील्ड में

➤ सीएम नायब सैनी ने विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों को फील्ड में उतारा
➤ बारिश और नदियों के उफान से 10 जिलों में बाढ़ जैसे हालात
➤ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने 5 सितंबर को रोहतक में बैठक बुलाई

हरियाणा में लगातार भारी बारिश और नदियों में आए उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रदेश के करीब 10 जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हालात का जायजा लेने और जनता की समस्याओं को सीधे तौर पर सुनने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने भाजपा विधायकों और पिछले चुनावों में हारे हुए प्रत्याशियों को फील्ड में भेजने का आदेश दिया है।

निर्देश के मुताबिक, गुरुवार को सभी विधायक और हारे हुए प्रत्याशी संबंधित एसडीएम कार्यालयों पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे। इसके बाद वे अधिकारियों के साथ मिलकर जलभराव वाले इलाकों का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि जहां भी गंभीर दिक्कत सामने आएगी, उसे सीधे उनके संज्ञान में लाया जाए ताकि तुरंत समाधान की योजना बनाई जा सके।

सीएम नायब सैनी पहले से तय अपना विदेश दौरा रद्द कर चुके हैं और इस वक्त प्रदेश की बाढ़ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उनका यह कदम अधिकारियों पर भी दबाव बनाएगा क्योंकि फील्ड में मौजूद जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कोई भी अधिकारी गलत रिपोर्ट पेश नहीं कर सकेगा। इससे अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी और राहत कार्यों की रफ्तार तेज होगी।

इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने भी 5 सितंबर को रोहतक स्थित मंगल कमल कार्यालय में एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी जिलाध्यक्षों और मोर्चों के पदाधिकारियों को बुलाया गया है। बैठक में बाढ़ की स्थिति, राहत कार्यों और नियंत्रण के इंतजामों पर चर्चा होगी। साथ ही कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें राहत प्रबंधन को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।