फिल्म निर्माताओं को मुख्यमंत्री का न्योता, हरियाणा आइए, शूटिंग लोकेशन ही नहीं सहयोग भी देंगे

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फिल्म निर्माताओं को हरियाणा में शूटिंग का न्योता दिया। सरकार 2 करोड़ रुपये तक सब्सिडी और फिल्म निर्माण में सहयोग दे रही है।

फिल्म निर्माताओं को मुख्यमंत्री का न्योता, हरियाणा आइए, शूटिंग लोकेशन ही नहीं सहयोग भी देंगे

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फिल्म निर्माताओं को हरियाणा आने का दिया न्योता
बोले- शूटिंग लोकेशन ही नहीं, फिल्म निर्माण के लिए सहयोग भी देंगे
फिल्म एवं मनोरंजन नीति-2022 के तहत 2 करोड़ रुपये तक सब्सिडी का प्रावधान


नई दिल्ली। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित फिल्म एक्सपो इंडिया कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग कलाकारों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों को हरियाणा में फिल्म शूटिंग के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि हरियाणा आइए, हम आपको शूटिंग लोकेशन ही नहीं, सहयोग भी देंगे।

फिल्म एक्सपो इंडिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि क्षेत्रीय सिनेमा भारतीय सिनेमा की नई शक्ति बनकर उभरा है। भाषा अब दीवार नहीं रही। एक अच्छी कहानी हर भाषा की सीमा पार कर सकती है और आज अच्छी कहानी पूरी दुनिया देख सकती है। उन्होंने फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों से हरियाणा में फिल्म शूट करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने फिल्म एवं मनोरंजन नीति-2022 लागू कर प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए एक अनुकूल और फिल्म-फ्रेंडली माहौल तैयार किया है। प्रदेश सरकार हरियाणा में फिल्म शूट करने पर 2 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दे रही है।

फिल्म एक्सपो भारत की रचनात्मक शक्ति और संस्कृति का उत्सव

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फिल्म एक्सपो इंडिया की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक्सपो केवल भारत की प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि भारत की रचनात्मक शक्ति और भारत की संस्कृति का भी उत्सव है। यह उस भारत का उत्सव है, जो अपनी कहानियां स्वयं लिख रहा है और इन कहानियों को पूरी दुनिया को सुना रहा है।

उन्होंने कहा कि इस फिल्म एक्सपो में कैमरा भी है, निर्माता भी हैं, निर्देशक भी हैं, कलाकार भी हैं और लेखक भी हैं, जो फिल्म निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारे पास सबसे महान कहानियां हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी धरती ने हमें रामायण दी, इसी भारत भूमि ने हमें महाभारत दी। इसी पवित्र भूमि ने कृष्ण लीला दी और इसी धरती ने वीरों के बलिदान की गाथाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास कहानियों और सांस्कृतिक विरासत का विशाल संसार है, जिसे दुनिया तक पहुंचाने की जरूरत है।

सिनेमा मनोरंजन के साथ समाज को दिशा देने वाला माध्यम

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारे देश में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा। सिनेमा समाज का दर्पण भी है और समाज को नई दिशा दिखाने वाली शक्ति भी है। युवा पीढ़ी के विचारों और आकांक्षाओं को प्रभावित करने की जितनी क्षमता सिनेमा में है, उतनी बहुत कम माध्यमों में है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1913 में दादा साहब फाल्के की ‘राजा हरिश्चंद्र’ से शुरू हुई भारतीय सिनेमा की यात्रा आज तकनीक और वैश्विक पहुंच के एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। भारत दुनिया में सबसे अधिक फिल्में बनाने वाले देशों में है और हमारी ताकत केवल हिन्दी सिनेमा नहीं, बल्कि हमारी भाषाई और सांस्कृतिक विविधता भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पास हजारों वर्षों की सभ्यता है। यहां लोककथाएं हैं, महाकाव्य हैं, वीरता की गाथाएं हैं, गांव की चौपालों की कहानियां हैं, जनजातीय परंपराएं हैं, अलग-अलग भाषाएं और अनगिनत बोलियां हैं।

उन्होंने कहा कि अब आवश्यकता है कि भारत की कहानी, भारत की आवाज में, भारत की प्रतिभा और आधुनिकतम तकनीक के साथ दुनिया तक पहुंचे। इसी दिशा में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्ड’ का विजन दिया है।

एआई से ओटीटी तक बदल रहा मनोरंजन उद्योग

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फिल्म एक्सपो इंडिया की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन वास्तव में फिल्म निर्माण के पूरे इको-सिस्टम को एक मंच पर लाने का अभिनव प्रयास है।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया का मनोरंजन उद्योग तेजी से बदल रहा है। एक समय कहानी कागज पर लिखी जाती थी, कैमरे पर शूट होती थी और सिनेमा हॉल तक पहुंचती थी। आज उसी कहानी के साथ एआई, वीएफएक्स, एनीमेशन, गेमिंग, वर्चुअल प्रोडक्शन, एक्सटेंडेड रियलिटी और ओटीटी जैसे नए माध्यम जुड़ गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कैमरे के सामने खड़ा कलाकार जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण कंप्यूटर के सामने बैठा वह युवा भी है, जो अपनी तकनीकी प्रतिभा से काल्पनिक दुनिया को स्क्रीन पर जीवंत करता है।

उन्होंने कहा कि भविष्य का सफल फिल्मकार वही होगा, जो नई तकनीक को खुले मन से अपनाएगा, लेकिन अपनी मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक जड़ों को कभी नहीं छोड़ेगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस की भी शुभकामनाएं दीं।