हरियाणा कैबिनेट के बड़े फैसले: अग्निवीरों को 20% आरक्षण, मजदूरी ₹15,220

हरियाणा कैबिनेट बैठक में 6 बड़े फैसलों को मंजूरी मिली। अग्निवीर आरक्षण 20% हुआ, न्यूनतम मजदूरी ₹15,220 और राशन व हाउसिंग नीतियों में बदलाव किए गए।

हरियाणा कैबिनेट के बड़े फैसले: अग्निवीरों को 20% आरक्षण, मजदूरी ₹15,220

हरियाणा कैबिनेट के 7 में से 6 एजेंडों को मंजूरी, कई बड़े फैसले लागू
अग्निवीरों का आरक्षण 10% से बढ़ाकर 20%, सुरक्षा पदों में मिलेगा फायदा
न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर ₹15,220, राशन और हाउसिंग नीतियों में भी बदलाव


हरियाणा सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने प्रेस वार्ता कर कई बड़े फैसलों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में कुल 7 एजेंडे रखे गए थे, जिनमें से 6 को मंजूरी प्रदान की गई है। इन फैसलों का असर राज्य के लाखों लोगों पर सीधे तौर पर पड़ने वाला है।

बैठक में सबसे अहम फैसला अग्निवीर नीति 2024 में संशोधन को लेकर लिया गया। सरकार ने सुरक्षा से जुड़े पदों जैसे फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड में अग्निवीरों को मिलने वाले होरिजेंटल आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम अग्निवीरों के सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और फील्ड अनुभव का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा।

सरकार ने वृद्धजनों के लिए रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में भी बड़ा बदलाव किया है। संशोधित प्रावधानों के तहत फ्लोर एरिया रेशो (FAR) को 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है। यह निर्णय टीडीआर नीति 2021 के अनुरूप लिया गया है, जिससे रिटायरमेंट कॉलोनियों के विकास को बढ़ावा मिलेगा और बुजुर्गों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

राशन व्यवस्था में भी सरकार ने महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। राशन डिपो के आवंटन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के तहत अब एसिड अटैक पीड़ितों, महिला स्वयं सहायता समूहों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, नए राशन डिपो लाइसेंस अब 300 राशन कार्ड की बजाय 500 राशन कार्ड पर दिए जाएंगे।

सरकार ने डिपो धारकों के लिए आयु सीमा को लेकर भी राहत दी है। अधिकतम आयु 60 वर्ष होने पर अब अच्छे कार्य के आधार पर 5 साल तक विस्तार दिया जा सकेगा। वहीं, यदि किसी डिपो धारक की मृत्यु 60 या 65 वर्ष से पहले हो जाती है, तो उसके कानूनी वारिस को डिपो आवंटित किया जा सकेगा

कैबिनेट ने हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) नियम 1964 में संशोधन कर नया नियम 5A जोड़ने को भी मंजूरी दी है। इसके तहत उन प्रोजेक्ट्स को राहत मिलेगी, जिन्हें CLU या लाइसेंस के लिए पर्याप्त रास्ता उपलब्ध नहीं है। नए प्रावधान के अनुसार, प्रोजेक्ट मालिक को अपनी जमीन का हिस्सा देकर रास्ता सुनिश्चित करना होगा, जिससे विकास कार्यों में बाधा कम होगी।

बैठक में मजदूरों के हित में भी बड़ा फैसला लिया गया। एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश के आधार पर अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी ₹11,257 से बढ़ाकर ₹15,220 प्रति माह करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बढ़ोतरी वर्ष 2026-27 में लागू की जाएगी और इससे लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर वर्ग के लोगों को राहत देना और राज्य के समग्र विकास को गति देना है। इन फैसलों से जहां रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा, वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर और कल्याण योजनाओं को भी मजबूती मिलेगी।