हरियाणा में हवा जहरीली,बल्लभगढ़ देश में नंबर-1, AQI 409

हरियाणा का बल्लभगढ़ 409 AQI के साथ देश में सबसे प्रदूषित शहर बना। सिरसा और गुरुग्राम भी शीर्ष पर, दिल्ली-NCR में GRAP-3 लागू किया गया।

हरियाणा  में हवा जहरीली,बल्लभगढ़ देश में नंबर-1, AQI 409

बल्लभगढ़ देश का सबसे प्रदूषित शहर, AQI 409 पर पहुंचा

➤ सिरसा दूसरे और गुरुग्राम का पंचगांव तीसरे नंबर पर, दिल्ली भी पीछे

➤ हरियाणा के 10 शहरों में हवा बेहद खराब, NCR में GRAP-3 लागू

हरियाणा में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के शहरों की हवा अब लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के ताजा आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के शहर लगातार दूसरे दिन देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे। शनिवार के आंकड़ों में बल्लभगढ़ देश के 284 शहरों में सबसे प्रदूषित दर्ज किया गया। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 409 तक पहुंच गया। वहीं सिरसा 383 AQI के साथ देश में दूसरे और गुरुग्राम का पंचगांव 377 AQI के साथ तीसरे स्थान पर रहा। राजधानी दिल्ली का AQI 369 दर्ज किया गया।

प्रदेश के कई अन्य शहरों में भी प्रदूषण का स्तर 300 के पार पहुंच चुका है। हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत निर्माण गतिविधियों पर रोक, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती और स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। दूसरी तरफ, मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश में ठंड भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। पंचकूला में न्यूनतम तापमान 12.9°C दर्ज किया गया।

बल्लभगढ़ की हवा सबसे जहरीली, देश के 284 शहरों में पहले नंबर पर

हरियाणा में प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के शहर लगातार दूसरे दिन देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं। शुक्रवार को गुरुग्राम का पंचगांव सबसे अधिक प्रदूषित था, जबकि शनिवार को स्थिति बदल गई और बल्लभगढ़ पहले नंबर पर पहुंच गया।

बल्लभगढ़ में AQI 409 दर्ज किया गया, जो देश के 284 शहरों में सबसे अधिक रहा। इसके बाद सिरसा का AQI 383 और गुरुग्राम के पंचगांव का AQI 377 रिकॉर्ड किया गया। इस तरह सिरसा देश में दूसरे और पंचगांव तीसरे स्थान पर रहा। दिल्ली का AQI 369 दर्ज हुआ।

हरियाणा के कई शहरों में रविवार सुबह भी स्मॉग छाया रहा। पराली जलाने और उद्योगों से निकलने वाले धुएं को भी प्रदूषण बढ़ने की वजह माना जा रहा है। लगातार बिगड़ती हवा के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हरियाणा के कई शहरों में AQI 300 के पार, हवा की गुणवत्ता बेहद खराब

प्रदेश के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ रहा है। शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में AQI 345, फरीदाबाद में 336, रोहतक में 320, हिसार में 316, भिवानी में 307 और सोनीपत में 304 दर्ज किया गया।

इन आंकड़ों से साफ है कि हरियाणा के शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है। प्रदेश के कई शहरों में AQI 300 से ऊपर दर्ज होने के कारण प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो गई है।

दिल्ली-NCR में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दिल्ली के साथ हरियाणा के औद्योगिक और शहरी इलाके प्रदूषण की चपेट में हैं। स्मॉग के कारण सुबह के समय वातावरण में धुंध जैसी स्थिति बनी हुई है।

यूपी और राजस्थान के मुकाबले हरियाणा के शहरों में प्रदूषण ज्यादा

देश के अलग-अलग राज्यों के शहरों के AQI की तुलना करें तो हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में प्रदूषण का स्तर सबसे चिंताजनक दिखाई दे रहा है। हालांकि हरियाणा के कई शहरों में AQI दूसरे राज्यों के मुकाबले काफी अधिक दर्ज किया गया है।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में AQI 277, ग्रेटर नोएडा में 281, नोएडा में 297 और हापुड़ में 307 रिकॉर्ड किया गया। वहीं राजस्थान के अलवर में AQI 232, जयपुर में 231 और बीकानेर में 271 रहा।

इसके उलट दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई शहरों में हवा की स्थिति बेहतर बनी हुई है। आइजोल में AQI 42, गंगटोक में 33, मैसूर में 89 और चेन्नई में 74 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदूषण के स्तर का अंतर साफ दिखाई देता है।

दिल्ली-NCR में GRAP-3 लागू, निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक

लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया।

इससे पहले 21 अक्टूबर को GRAP-1 और 2 नवंबर को GRAP-2 लागू किया गया था। अब प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए GRAP-3 की पाबंदियां भी प्रभावी हो गई हैं। इसके तहत गंभीर श्रेणी यानी AQI 401-450 के लिए निर्धारित अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

निर्माण कार्यों पर रोक, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती

GRAP-3 के तहत निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी उन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है, जिनसे धूल उड़ती है और प्रदूषण बढ़ता है। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती की जाएगी।

हरियाणा के NCR क्षेत्र में गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे जिलों पर इन प्रतिबंधों का सीधा असर पड़ेगा। स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई की व्यवस्था भी इसके तहत शामिल है।

सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम

प्रदूषण से निपटने के लिए CAQM ने कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी अलग से एहतियाती निर्देश जारी किए हैं।

इन निर्देशों के अनुसार, 5 से 20 नवंबर तक दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सरकारी व निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही फिजिकल रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के लिए कहा गया है।

यह व्यवस्था GRAP-3 से अलग एहतियाती आदेश के तहत लागू की गई है।

हरियाणा में बढ़ने लगी ठंड, पंचकूला में न्यूनतम तापमान 12.9°C

एक तरफ प्रदेश में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम में बदलाव के साथ ठंड भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), चंडीगढ़ के अनुसार, राज्य में औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2°C अधिक दर्ज किया गया है। वहीं औसत अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है।

प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पंचकूला में 12.9°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा हिसार के केंद्र पर प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.6°C दर्ज हुआ।

इस तरह प्रदेश में सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ने लगा है, जबकि दिन के तापमान में अभी ज्यादा गिरावट दर्ज नहीं हुई है।