हरियाणा में 4 फर्नीचर गोदामों में भीषण आग, काला धुआं दूर तक फैला
गुरुग्राम के सेक्टर-88 में चार फर्नीचर गोदामों में भीषण आग लग गई, काला धुआं दूर तक फैला। फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर आग बुझाने में जुटी हैं, शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
■ गुरुग्राम सेक्टर-88 में फर्नीचर गोदामों में भीषण आग, 4 गोदाम चपेट में
■ आसमान तक फैला काला धुआं, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर
■ शॉर्ट सर्किट की आशंका, पेट्रोल पंप बंद कर सुरक्षा बढ़ाई गई
गुरुग्राम के सेक्टर-88 इलाके में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब चार फर्नीचर गोदामों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते सभी गोदाम काले धुएं के घने गुबार में घिर गए और लपटें आसमान तक उठती दिखाई दीं। आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। हालांकि गोदामों में रखे भारी मात्रा में लकड़ी और फर्नीचर के कारण आग पर काबू पाने में काफी समय लग रहा है। फायर अधिकारियों के अनुसार सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील होने से आग तेजी से फैल गई।
बताया जा रहा है कि आग की चपेट में आए चारों गोदाम अलग-अलग मालिकों के हैं, जिनमें जैद खान, जावेद, शाद, नौशाद, जुबेर, जाहिर, असगर खान और शमशेर खान शामिल हैं। गोदामों में पुराने और नए फर्नीचर का भारी स्टॉक रखा हुआ था, जिसके चलते लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि सटीक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग दोनों मिलकर पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं।
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आसपास के रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है, ताकि राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
सबसे अहम बात यह रही कि आग के ठीक पास स्थित नायरा कंपनी का पेट्रोल और CNG पंप संभावित खतरे को देखते हुए तुरंत बंद करवा दिया गया।
फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी को वहां विशेष रूप से तैनात किया गया है, ताकि आग को किसी भी हालत में पंप तक पहुंचने से रोका जा सके।
अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा।
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