गुरुग्राम में कांग्रेस का कमिश्नर ऑफिस पर हंगामा, CM को काले झंडे दिखाने वाले 2 जिलाध्यक्ष 4 दिन से लापता; राव नरेंद्र बोले- FIR रद्द करो

गुरुग्राम में CM नायब सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाने के बाद दो कांग्रेस जिलाध्यक्षों के लापता होने पर पार्टी ने कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया।

गुरुग्राम में कांग्रेस का कमिश्नर ऑफिस पर हंगामा, CM को काले झंडे दिखाने वाले 2 जिलाध्यक्ष 4 दिन से लापता; राव नरेंद्र बोले- FIR रद्द करो

दो जिलाध्यक्षों के लापता होने पर कांग्रेस ने कमिश्नर ऑफिस घेरा
राव नरेंद्र ने FIR रद्द करने और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की
CM के काफिले को काले झंडे दिखाने के मामले में 17 पुलिसकर्मी सस्पेंड


गुरुग्राम। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाने के बाद कांग्रेस के दो जिलाध्यक्षों के लापता होने का मामला अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है। सोमवार को गुरुग्राम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता कमिश्नर ऑफिस पहुंचे। कांग्रेस की ओर से पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर दोनों जिलाध्यक्षों का पता लगाने, दर्ज FIR रद्द करने और कथित तौर पर युवकों के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

जेल चौक से राजीव चौक की तरफ जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों जिलाध्यक्षों ने ऐसा कौन सा अपराध कर दिया था, जिसके लिए उनके साथ इस तरह की कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन युवकों को पकड़ा गया, उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। राव नरेंद्र सिंह ने मांग की कि दर्ज FIR कैंसिल की जाए और जिन पुलिसकर्मियों ने युवकों के साथ मारपीट की है, उनके खिलाफ कार्रवाई हो।

पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर नारेबाजी करते कांग्रेस कार्यकर्ता।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस की मांगों को नहीं माना गया तो पार्टी पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस के अनुसार जिलाध्यक्ष वर्धन राव और पंकज डावर चार दिन से लापता हैं। दोनों ने 21 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाए थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया था।

रेवाड़ी में जिलाध्यक्ष को हाउस अरेस्ट करने का आरोप

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कांग्रेस गुरुग्राम के साथ-साथ पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार को रेवाड़ी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस के जिलाध्यक्ष को हाउस अरेस्ट किया गया।

राव नरेंद्र सिंह ने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताने का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री जहां भी जाएंगे, वहां के कांग्रेस जिलाध्यक्षों को नजरबंद किया जाएगा तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

गुरुग्राम में पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर खड़े भाजपा कार्यकर्ता।

परिजनों को भी हिरासत में लिए जाने का डर

लापता कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज डावर के परिजनों ने बताया कि मुख्यमंत्री के विरोध के मामले में पुलिस ने 21 अगस्त को उनके बेटे को हिरासत में लिया था और अगले दिन छोड़ दिया था। हालांकि, इसके बाद से पंकज डावर अभी तक लापता हैं।

परिजनों का कहना है कि उन्हें डर है कि यदि उन्होंने इस मामले में कुछ बोला तो पुलिस उन्हें भी हिरासत में ले सकती है। इसी वजह से वे फिलहाल मामले पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं।

भाजपा ने भी पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन

कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच भाजपा की ओर से भी पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया गया। भाजपा जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी की अध्यक्षता में कार्यकर्ता यहां पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ACP धर्मबीर से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इस तरह एक ही मामले को लेकर गुरुग्राम में कांग्रेस और भाजपा दोनों आमने-सामने नजर आईं। कांग्रेस जहां अपने जिलाध्यक्षों के लापता होने और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रही है।

गुरुग्राम में सीएम नायब सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाते कांग्रेस नेता।

आखिर क्या है पूरा काले झंडे दिखाने का मामला?

दरअसल, शुक्रवार 21 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुग्राम पहुंचे थे। उनके पहुंचने के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज डावर और वर्धन यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के काफिले के सामने काले झंडे लहराए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए।

इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार रात कांग्रेस के 8 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। इनमें नीरज यादव, शिव कुमार, निखिल, अनुज, हरकेश प्रधान, अमन प्रजापति, राजीव यादव और हरेंद्र शामिल हैं। इसके बाद शनिवार को सचिन नाम के एक अन्य कार्यकर्ता को भी पकड़ा गया।

शाम को बेल बॉन्ड पर सभी रिहा

गिरफ्तार किए गए सभी कार्यकर्ताओं को DCP वेस्ट करण गोयल के सामने पेश किया गया। शनिवार शाम करीब 7 बजे सभी को बेल बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया। दिनभर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सिविल लाइंस थाने के बाहर मौजूद रहे।

DCP की ओर से बताया गया कि मामले की जांच जारी है और गिरफ्तार किए गए सभी कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया है।

SHO समेत 17 पुलिसकर्मी सस्पेंड

इसी मामले में पुलिस विभाग की ओर से भी बड़ी कार्रवाई की गई। सिविल लाइंस थाने के SHO समेत 17 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।

सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों में सिविल लाइंस थाने में तैनात नौ पुलिसकर्मी, QRT टीम के छह पुलिसकर्मी और सिक्योरिटी ब्रांच का एक ASI शामिल है।

अब मामले में एक तरफ कांग्रेस अपने दो जिलाध्यक्षों के लापता होने को लेकर पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी सामने आ रही है। ऐसे में गुरुग्राम का यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर लगातार गरमाता जा रहा है।