पैलेट-गन के छर्रों से आंख की रोशनी गंवाने वाला साहिल हरियाणा का, राहुल गांधी के साथ 6 घंटे धरने के बाद दर्ज हुई FIR

सोनीपत के साहिल लोहचब की पैलेट-गन से दाहिनी आंख की रोशनी गई। राहुल गांधी संग धरने के बाद FIR दर्ज हुई, साहिल ने CCTV और मुआवजे की मांग की।

पैलेट-गन के छर्रों से आंख की रोशनी गंवाने वाला साहिल हरियाणा का, राहुल गांधी के साथ 6 घंटे धरने के बाद दर्ज हुई FIR

➤ सोनीपत में जन्मे साहिल की दाहिनी आंख की रोशनी गई, शरीर में 200 से अधिक छर्रे होने का दावा

➤ राहुल गांधी के साथ संसद मार्ग थाने के बाहर 6 घंटे धरने के बाद अज्ञात लोगों पर FIR

➤ साहिल ने CCTV-ड्रोन फुटेज सुरक्षित कराने और इलाज व मुआवजे की मांग की


जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट-गन के इस्तेमाल से एक आंख की रोशनी गंवाने वाले साहिल लोहचब मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। साहिल का जन्म सोनीपत में हुआ, जबकि उनका परिवार पिछले कई वर्षों से दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में रह रहा है। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े साहिल के पिता दीपक ड्राइवर हैं और साहिल के अनुसार उनके पिता दिव्यांग हैं।

साहिल वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) से पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ वह SSC-CGL और पुलिस भर्ती की तैयारी भी कर रहे थे। लेकिन 20 जुलाई, 2026 को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान हुई घटना के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। साहिल का आरोप है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर पैरामिलिट्री फोर्स की ओर से पैलेट-गन का इस्तेमाल किया गया, जिसके छर्रे लगने से उनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई।

इसी मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी साहिल के साथ दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, साहिल और अन्य लोग थाने के बाहर करीब 6 घंटे धरने पर बैठे। इसके बाद पुलिस ने साहिल की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

पिता दिव्यांग, परिवार में सबसे बड़े बेटे हैं साहिल

संसद मार्ग थाने में दी गई शिकायत में साहिल ने खुद को दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग का छात्र बताया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता दिव्यांग हैं और वह परिवार में सबसे बड़े बेटे हैं। साहिल ने शिकायत में यह भी कहा कि इससे पहले उनके खिलाफ कभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ और न ही उनका थाने से कोई वास्ता पड़ा।

साहिल के मुताबिक, 20 जुलाई, 2026 को परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन था। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे। साहिल भी इसी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।

राहुल गांधी के साथ साहिल लोहचब। साहिब की दाईं आंख की रोशनी चली गई है। उसके चेहरे पर काफी निशान हैं। (फोटो सोर्स PTI)

दिल्ली पुलिस परीक्षा और NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन में पहुंचे थे

साहिल ने अपनी शिकायत में कहा कि वह खुद छात्र हैं और वर्ष 2025 में हुई दिल्ली पुलिस परीक्षा में धांधली और NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे।

उनके मुताबिक, वहां पहुंचने के समय लाठीचार्ज हुआ और भगदड़ मच गई। वह भी अन्य युवाओं के साथ भागते हुए पालिका और कनॉट प्लेस क्षेत्र के पास पहुंच गए। साहिल का कहना है कि जब वह भीड़ में आगे पहुंचे तो उनके हाथ में तिरंगा था और आसपास हजारों छात्र व युवा मौजूद थे।

साहिल का आरोप, नीली पोशाक पहने व्यक्ति ने दागे पैलेट

साहिल ने शिकायत में आरोप लगाया कि उस समय उनका चेहरा दूसरी तरफ था। अचानक उन्हें महसूस हुआ कि उनके शरीर के दाहिने हिस्से, दिल के नजदीक छाती, बाजू और आंख पर कुछ फटा है।

उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो नीली पोशाक पहने एक व्यक्ति के हाथ में बड़ी बंदूक थी। साहिल का आरोप है कि उस व्यक्ति ने उनकी ओर बहुत सारे पैलेट दागे। इसके बाद उनकी आंख, चेहरे, हाथ और छाती से खून बहने लगा और उन्हें दाहिनी आंख से दिखाई देना बंद हो गया।

इसके बाद उन्हें बाइक पर बैठाकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें सफदरजंग अस्पताल भेजा गया और बाद में AIIMS रेफर कर दिया गया।

AIIMS में सर्जरी, रोशनी लौटने की संभावना 1 प्रतिशत से भी कम

साहिल के अनुसार, 21 जुलाई की रात करीब 1 बजे उन्हें RPC आई सेंटर, AIIMS भेजा गया। इसके बाद उन्हें AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। 22 जुलाई की रात उनकी आंख का पहला ऑपरेशन किया गया।

साहिल ने शिकायत में कहा है कि डॉक्टर ने उनकी MLC में भी आंख की चोट का कारण पैलेट लगना दर्ज किया है। डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी आंख की रोशनी वापस आने की संभावना 1 प्रतिशत से भी कम है।

CT Scan में 200 से ज्यादा छर्रे होने का दावा

साहिल ने अपनी शिकायत में दावा किया कि AIIMS में हुए CT Scan में उनके शरीर में 200 से अधिक छर्रे होने की बात सामने आई। उनके मुताबिक, ये छर्रे आंख, गर्दन, छाती में दिल के पास, जबड़े और बाजू समेत शरीर के कई हिस्सों में मौजूद हैं।

साहिल का कहना है कि उनकी दाहिनी आंख के गड्ढे में और उसके सबसे पीछे भी छर्रे हैं। ये छर्रे नस के पास बताए गए हैं, इसलिए उन्हें निकाला नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, दो छर्रे जीवनभर आंख के अंदर रहने की बात डॉक्टरों ने बताई है।

साहिल ने यह भी कहा कि दिल के पास भी छर्रे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि इलाज लंबा चलेगा और आंख में मौजूद छर्रों को निकाला नहीं जा सकता।

दूसरी सर्जरी के बाद भी आंख में सिर्फ अंधेरा

साहिल के मुताबिक, 25 जुलाई को उनकी दोबारा जांच हुई। उस समय उनकी आंख में सिर्फ अंधेरा दिखाई दे रहा था और कोई रोशनी नहीं थी।

इसके बाद 31 जुलाई को RPC आई सेंटर, AIIMS की OPD में उनकी जांच हुई। डॉक्टरों की राय के बाद 1 अगस्त को उनकी आंख की दूसरी सर्जरी की गई। साहिल का कहना है कि दूसरी सर्जरी के बाद भी उनकी आंख की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

डॉक्टरों ने आंख की रोशनी वापस आने की संभावना न के बराबर बताई है।

बोले- शांतिपूर्वक खड़े रहने की मिली ऐसी सजा

साहिल ने अपनी शिकायत में कहा कि उनका कसूर सिर्फ इतना था कि वह एक छात्र के तौर पर अपनी बात रखने के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन में खड़े थे। इसके बदले उन्हें अपनी आंख गंवानी पड़ी और शरीर में सैकड़ों छर्रे लग गए।

साहिल का कहना है कि जिस दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के लिए वह तैयारी कर रहे थे, अब वह नौकरी उनके लिए संभव नहीं रह गई है। उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह लंबे समय तक चलने वाले इलाज का खर्च उठा सकें।

CCTV और ड्रोन फुटेज सुरक्षित कराने की मांग

साहिल ने पुलिस को दी शिकायत में घटना से जुड़े CCTV और ड्रोन फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है। उन्होंने 20 जुलाई की जंतर-मंतर, नई दिल्ली के संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और चंद्र रोड, पटेल चौक, राजीव चौक, मेट्रो स्टेशन तथा ट्रैफिक पुलिस के CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है।

उन्होंने घटना से संबंधित ड्रोन फुटेज को भी सुरक्षित रखने की अपील की है, ताकि पूरे घटनाक्रम की जांच में इनका इस्तेमाल किया जा सके।

साहिल ने यह भी मांग की है कि ऑपरेशन के दौरान उनके शरीर से निकाले गए धातु के छर्रों को मंगवाकर उनकी जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने अपने लंबे इलाज और आर्थिक स्थिति को देखते हुए इलाज और मुआवजे के लिए मामले पर विचार करने की मांग की है।

साहिल की शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अब इस मामले में जांच के दौरान घटना के CCTV, ड्रोन फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और बरामद धातु के छर्रों की जांच अहम मानी जा रही है।