आय से अधिक संपत्ति मामले में सुधीर शर्मा से पौने दो घंटे पूछताछ, बोले- विधानसभा सत्र के बीच पहली बार विधायक को इस तरह बुलाया

आय से अधिक संपत्ति मामले में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा से शिमला विजिलेंस हेडक्वार्टर में पौने दो घंटे पूछताछ हुई। उन्होंने कार्रवाई पर सवाल उठाए।

आय से अधिक संपत्ति मामले में सुधीर शर्मा से पौने दो घंटे पूछताछ, बोले- विधानसभा सत्र के बीच पहली बार विधायक को इस तरह बुलाया

➤ विजिलेंस हेडक्वार्टर में करीब पौने दो घंटे चली भाजपा विधायक सुधीर शर्मा से पूछताछ

➤ सुधीर शर्मा बोले- विपक्ष की आवाज दबाने और विधानसभा के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास

➤ जांच अधिकारी धर्मशाला में, दस्तावेज भी वहीं; फिर शिमला बुलाने के कारण पर विधायक ने उठाए सवाल


शिमला में आय से अधिक संपत्ति मामले को लेकर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा से विजिलेंस ने शुक्रवार को करीब पौने दो घंटे तक पूछताछ की। सुधीर शर्मा भाजपा विधायकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ विजिलेंस हेडक्वार्टर पहुंचे थे। इससे पहले 18 अगस्त को वह धर्मशाला में विजिलेंस के समक्ष पेश हुए थे। पूछताछ के बाद बाहर आए सुधीर शर्मा ने सरकार और विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें विपक्ष की आवाज दबाने और विधानसभा के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।

करीब पौने दो घंटे तक चली पूछताछ के बाद बाहर आए सुधीर शर्मा ने कहा कि वह कानून को मानने वाले व्यक्ति हैं और जांच के दौरान पूछे जा रहे हर सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य हैं, वे प्रदेश की जनता के सामने आएंगे और उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।

विधानसभा सत्र के बीच बुलाने पर उठाए सवाल

सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि विधानसभा का सत्र चलने के दौरान किसी विधायक को इस तरह बीच में बुलाना पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार का रवैया विपक्ष की आवाज दबाने वाला बन गया है।

भाजपा विधायक ने कहा कि यह रवैया ज्यादा लंबे समय तक चलने वाला नहीं है। उनका आरोप है कि विधानसभा में उठाए जा रहे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और कानून का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जांच से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद प्रदेश की जनता खुद पूरी स्थिति को समझ सकेगी।

मुख्यमंत्री के बयान पर भी साधा निशाना

सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें कहा गया है कि जिन्होंने हिमाचल को लूटा है, उन पर कार्रवाई की जा रही है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले मंत्री या किसी संवैधानिक पद पर नहीं रहे, इसलिए वह अपने दिमाग में चल रहे विचारों के आधार पर सभी के बारे में उसी तरह सोचते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि ऐसे पदों पर रहने वाले लोग लूट-खसोट ही करते हैं, तो आने वाले समय में पूरी तस्वीर प्रदेश की जनता के सामने आ जाएगी।

शिमला बुलाने के कारण पर भी सवाल

सुधीर शर्मा ने शिमला विजिलेंस ऑफिस में बुलाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामले के जांच अधिकारी धर्मशाला में हैं और जांच से जुड़े दस्तावेज भी वहीं हैं। ऐसे में उन्हें शिमला बुलाए जाने का कारण उनकी समझ से परे है।

उन्होंने कहा कि जांच की एक प्रक्रिया और प्रोटोकॉल होता है। उनका कहना था कि अगर जांच अधिकारी धर्मशाला में हैं और दस्तावेज भी वहीं हैं, तो फिर उन्हें शिमला बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी, यह सवाल उठता है।

समन की तारीख को लेकर भी किया दावा

सुधीर शर्मा ने समन को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहला समन 12 तारीख की डेट में मिला, जबकि 11 तारीख का समन मीडिया तक पहुंच गया था

उन्होंने विधानसभा को सूचित किए जाने के समय पर भी सवाल खड़े किए। सुधीर शर्मा ने कहा कि वह 18 अगस्त को विजिलेंस के सामने पेश हो गए थे, जबकि विधानसभा को इसके बाद सूचित किया गया।

विधायक ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच की अपनी प्रक्रिया और प्रोटोकॉल होता है और उसी के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

बोले- जांच में हर सवाल का जवाब दिया

पूछताछ के बाद सुधीर शर्मा ने दोहराया कि वह कानून को मानने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि विजिलेंस की ओर से जांच के दौरान जो भी सवाल पूछे गए, उन्होंने उनका जवाब दिया है।

उन्होंने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और जांच से जुड़े तथ्य आने वाले समय में प्रदेश की जनता के सामने होंगे। साथ ही उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से विधानसभा में उठाए जा रहे मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस की पूछताछ और सुधीर शर्मा की ओर से उठाए गए सवालों को लेकर हिमाचल की राजनीति में मामला चर्चा में है।