शहीद जवान मोहित का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

फरीदाबाद के साहूपुरा गांव में शहीद जवान मोहित का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जो हिमाचल में ट्रेनिंग के दौरान घायल होकर शहीद हुए।

शहीद जवान मोहित का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

हिमाचल में ट्रेनिंग के दौरान घायल होकर जवान मोहित हुए शहीद
फरीदाबाद के साहूपुरा गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
महज 3 महीने पहले हुई थी शादी, पूरे गांव ने नम आंखों से दी विदाई

फरीदाबाद जिले के साहूपुरा गांव में उस वक्त माहौल गमगीन हो गया, जब भारतीय सेना के जवान मोहित को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की बकलोह सैन्य छावनी में ट्रेनिंग के दौरान घायल होने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। महज 26 साल की उम्र में देश के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले इस वीर सपूत को पूरे गांव ने नम आंखों से विदाई दी।

ट्रेनिंग के दौरान हादसा, इलाज के बीच बिगड़ी हालत

जानकारी के अनुसार, 18 अप्रैल को मोहित स्पेशल फोर्सेस ट्रेनिंग स्कूल में बॉक्सिंग अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान उनके कान के पास सिर में गंभीर चोट लग गई। उन्हें तुरंत सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, भाई ने दी मुखाग्नि

शहीद का पार्थिव शरीर पहले उनके निवास पर लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इसके बाद गांव साहूपुरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मोहित के बड़े भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक मूलचंद शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे और उन्होंने परिवार को सांत्वना दी।

8 साल पहले सेना में भर्ती, देश सेवा का था जुनून

मोहित भारतीय सेना की 29 पैरा यूनिट से जुड़े थे और वर्तमान में उनकी पोस्टिंग आगरा में थी। करीब 8 साल पहले उन्होंने सेना जॉइन की थी और शुरू से ही देश सेवा का जुनून रखते थे। परिवार ने बताया कि उन्होंने पहली ही कोशिश में सेना में भर्ती होकर अपना सपना पूरा किया था।

शादी को हुए थे सिर्फ 3 महीने, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस वीर जवान की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी। वह अपने परिवार में तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। जहां एक भाई सरकारी सेवा में है, वहीं दूसरा निजी नौकरी करता है।

शादी के महज तीन महीने बाद ही इस तरह की दुखद घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। लेकिन परिजनों ने गर्व के साथ कहा कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है।

हर आंख नम, हर दिल गर्व से भरा

शहीद मोहित की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का गवाह बना कि गांव ही नहीं, पूरा इलाका अपने इस वीर बेटे पर गर्व करता है। हर आंख नम थी, लेकिन दिल में देशभक्ति का जज्बा और शहीद के प्रति सम्मान साफ नजर आ रहा था।