EPF Salary Ceiling: कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला, 15 हजार से बढ़कर 25 हजार हुई वेतन सीमा
केंद्र सरकार ने EPF वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की। करीब 51 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और पांच साल में 56,696 करोड़ खर्च होंगे।
➤ EPF की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह की गई
➤ 15 से 25 हजार रुपये वेतन वाले करीब 51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
➤ सरकार का अनुमानित वार्षिक खर्च 11,339 करोड़ और पांच साल का खर्च 56,696 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार ने EPF वेतन सीमा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विश्वकर्मा जयंती के उपलक्ष्य में सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि के दायरे को बढ़ाते हुए वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मौजूदा PF नियमों के तहत वेतन सीमा 15,000 रुपये थी, जिसे सितंबर 2014 में तय किया गया था। अब इसे बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इस फैसले से करीब 51 लाख कर्मचारी EPF के नए दायरे में आएंगे।
सरकार के मुताबिक, नई व्यवस्था के तहत 15,000 रुपये से 25,000 रुपये के बीच वेतन पाने वाले कर्मचारियों को संगठित सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले के चलते हर साल करीब 11,339 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा। वहीं पांच वर्षों में अनुमानित खर्च करीब 56,696 करोड़ रुपये रहने की बात कही गई है।
2014 में तय हुई थी 15 हजार रुपये की सीमा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, मौजूदा PF व्यवस्था में वेतन सीमा 15,000 रुपये प्रति माह थी। यह सीमा वर्ष 2014 में तय की गई थी और सितंबर 2014 में इसमें बदलाव किया गया था। अब सरकार ने लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद इसे बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने का निर्णय लिया है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 सितंबर को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। इससे पहले प्रस्ताव पर अलग-अलग मंत्रालयों के बीच विस्तार से चर्चा हुई थी। व्यय वित्त समिति (Expenditure Finance Committee) ने भी 16 जून 2026 को हुई बैठक में इसकी सिफारिश की थी।
51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
नई वेतन सीमा का सबसे बड़ा असर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जिनकी मासिक सैलरी 15,000 रुपये से अधिक और 25,000 रुपये तक है। सरकार के अनुसार करीब 51 लाख कर्मचारी इस वेतन श्रेणी में आते हैं और अब वे नए PF नियमों के दायरे में शामिल होंगे।
इस बदलाव से EPF के साथ-साथ कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा-संबद्ध बीमा योजना (EDLI) से जुड़े सामाजिक सुरक्षा लाभों का दायरा भी बढ़ेगा। रिपोर्टों के अनुसार, नई सीमा के तहत पेंशन योगदान की अधिकतम राशि भी बढ़ेगी।
कर्मचारियों को मिलेंगे तीन प्रमुख सामाजिक सुरक्षा लाभ
वेतन सीमा बढ़ने के बाद कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जुड़े तीन प्रमुख लाभ मिलेंगे। पहला लाभ कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का होगा, जिसके तहत नियमित बचत की व्यवस्था मजबूत होगी। दूसरा लाभ कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के माध्यम से रिटायरमेंट के बाद पेंशन सुरक्षा का होगा। तीसरा लाभ EDLI के तहत बीमा सुरक्षा का मिलेगा।
इसके अलावा, पेंशन योग्य वेतन और वैधानिक अंशदान व्यवस्था (Statutory contribution system) भी मौजूदा वेतन स्तरों के अनुरूप होने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
सरकार का कहना है कि औपचारिक रोजगार केवल वेतन मिलने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके साथ सुनिश्चित और पोर्टेबल सामाजिक सुरक्षा भी जुड़ी होनी चाहिए। नई व्यवस्था इसी सामाजिक सुरक्षा के दायरे को व्यापक बनाने की दिशा में है।
नियोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच भरोसा बढ़ाने पर जोर
सरकार के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ने से कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच भरोसा मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है। सरकार का कहना है कि व्यापक सामाजिक सुरक्षा से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, प्रतिभाशाली कर्मचारियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी और कार्यबल अधिक स्थिर तथा भविष्य के लिए तैयार हो सकेगा।
नई व्यवस्था का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। अधिक कर्मचारियों के औपचारिक सामाजिक सुरक्षा ढांचे में आने से कंपनियों को भी अधिक स्थिर कार्यबल बनाए रखने में मदद मिलने की बात सरकार की ओर से कही गई है।
सरकार पर बढ़ेगा वार्षिक खर्च
EPF वेतन सीमा बढ़ने के साथ सरकार का वित्तीय दायित्व भी बढ़ेगा। सरकार के अनुसार इस फैसले के बाद वार्षिक सरकारी खर्च करीब 11,339 करोड़ रुपये हो जाएगा, जबकि मौजूदा बजटीय सहायता करीब 10,250 करोड़ रुपये है।
पांच वर्षों की अवधि में इस फैसले पर अनुमानित खर्च करीब 56,696 करोड़ रुपये बताया गया है। यह खर्च मुख्य रूप से बढ़े हुए सामाजिक सुरक्षा कवरेज और उससे जुड़े सरकारी योगदान के कारण बढ़ेगा।
EPFO के दायरे में पहले से करोड़ों कर्मचारी
वर्तमान में EPFO देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों में से एक का संचालन करता है। सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार EPFO से करीब 7.98 करोड़ कंट्रीब्यूटिंग मेंबर और 7.68 लाख से अधिक संस्थान जुड़े हुए हैं। वहीं कर्मचारी पेंशन योजना के तहत करीब 82 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिल रहा है।
EPFO की मौजूदा व्यवस्था में 15,000 रुपये की वेतन सीमा लंबे समय से लागू थी। श्रम मंत्रालय के दस्तावेजों में भी 1 सितंबर 2014 से 15,000 रुपये की वेतन सीमा का उल्लेख मिलता है।
सामाजिक सुरक्षा के विस्तार पर सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि भारत की विकास यात्रा के केंद्र में देश का कार्यबल है। बढ़ती आय, रोजगार के बेहतर अवसर और औपचारिक क्षेत्र के विस्तार के साथ सामाजिक सुरक्षा के ढांचे का विस्तार भी जरूरी है।
इसी सोच के तहत EPFO की वेतन सीमा को 25,000 रुपये प्रति माह तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। इस बदलाव से 15,000 से 25,000 रुपये के वेतन वर्ग में आने वाले लाखों कर्मचारियों को EPF, पेंशन और बीमा से जुड़े सामाजिक सुरक्षा लाभों के दायरे में लाने का रास्ता साफ होगा।
Akhil Mahajan