‘थार और बुलेट से बदमाश चलते हैं...’ हरियाणा डीजीपी का चौंकाने वाला बयान, कहा – पावर नहीं जानते “घमंड या बदजुबानी की तो घर भेज दूंगा ”

हरियाणा डीजीपी ओपी सिंह बोले — “थार वालों का दिमाग घुमा हुआ है।” गुरुग्राम में सुरक्षा समीक्षा बैठक में पुलिस को चेताया — “घमंड या बदजुबानी पर होगी कार्रवाई।”

‘थार और बुलेट से बदमाश चलते हैं...’ हरियाणा डीजीपी का चौंकाने वाला बयान, कहा –  पावर नहीं जानते “घमंड या बदजुबानी की तो घर भेज दूंगा ”

  • डीजीपी ओपी सिंह बोले – जिसके पास थार है, उसका दिमाग घुमा होगा, दादागिरी नहीं चलेगी

  • पुलिस को चेतावनी – गलत भाषा या व्यवहार पर होगी डिसमिसल कार्रवाई

  • ऑपरेशन ट्रैकडाउन में अपराधियों पर फोकस, गुरुग्राम को बनाया जाएगा सेफ ‘मैगनेट सिटी’


गुरुग्राम। हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उन्होंने कहा कि आजकल बदमाश और युवा थार और बुलेट जैसी गाड़ियों से स्टंट और दिखावा करते हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा — “जिसके पास थार है, उसका दिमाग घुमा होगा। दादागिरी भी करेंगे और बचेंगे भी नहीं, ऐसा नहीं चलेगा।”

ओपी सिंह ने कहा कि अब थार या बुलेट सिर्फ वाहन नहीं रहे, बल्कि ‘दिखावे और दादागिरी’ के प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि “हमारे एसीपी के बेटे ने भी थार से एक व्यक्ति को कुचल दिया था, अब हम देखेंगे कि कितने पुलिसकर्मियों के पास थार है।”

डीजीपी बोले – “थार और बुलेट रखने वाले सोचते हैं कि वे सड़क पर जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन कानून सबके लिए समान है। दो-दो मजे — दादागिरी भी और बचाव भी — अब नहीं चलेंगे।”


हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने गुरुग्राम सीपी ऑफिस में एनसीआर के आठ जिलों के पुलिस प्रमुखों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
बैठक में गुरुग्राम, झज्जर, सोनीपत, फरीदाबाद कमिश्नरेट और साउथ रेंज के नूह, पलवल, महेंद्रगढ़ एवं रेवाड़ी जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।

डीजीपी ने कहा — “पुलिस को घमंड या बदजुबानी का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। यह कोई रिक्वेस्ट नहीं, ऑर्डर है जी। अगर भाषा या व्यवहार खराब पाया गया तो डिसमिस करने में देर नहीं लगेगी।”

उन्होंने ‘मैगनेट सिटी गुरुग्राम’ को विशेष प्राथमिकता देते हुए कहा कि यह शहर देश का बड़ा इन्वेस्टमेंट हब है, इसलिए इसे सिंगल वर्किंग पॉप्युलेशन फ्रेंडली बनाना होगा। डीजीपी बोले — “ऐसे शहरों में नाइट लाइफ सामान्य है, इसलिए पुलिस को फ्रिक्शन-फ्री सेफ्टी देनी होगी।”

ओपी सिंह ने ‘स्टॉप एंड सर्च’ पर निर्भरता कम करने और तकनीक आधारित निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने द्विभाषी साइनेज लगाने की बात कही ताकि बाहरी नागरिकों को सुविधा मिले।

उन्होंने कहा कि पुलिस जनता से शालीनता और संवेदनशीलता से पेश आए। “कानून लागू करें, लेकिन डराकर नहीं। रोकने से पहले सोचें कि जरूरत है या नहीं।”

डीजीपी ने बताया कि #ऑपरेशन_ट्रैकडाउन (5–20 नवंबर) के तहत हर SHO को अपने क्षेत्र के पाँच कुख्यात अपराधियों और हर DCP को दस बड़े बदमाशों को जेल भेजने का टारगेट दिया गया है।
उन्होंने कहा — “यह टारगेट उनके करियर के लिए मेकर या ब्रेकर साबित होगा।”

ट्रैफिक पर बोलते हुए ओपी सिंह ने कहा — “सुरक्षा जांच के नाम पर खुद ही जाम न लगाया जाए। चेकिंग इंटेलिजेंस आधारित होनी चाहिए और उन्हीं वाहनों को निशाना बनाया जाए जो अपराध में अक्सर उपयोग होते हैं।”

डीजीपी ने हुड़दंगियों और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कही। झूठी खबरों का तुरंत खंडन करने और अफवाह फैलाने वालों को जेल भेजने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पुलिस युवाओं से सहृदयता से पेश आए, किराएदारों की मनमानी रोके, महिलाओं को समान सम्मान दे और गरीबों की ढाल बने
डीजीपी ने स्पष्ट कहा — “जो लोगों के शोषण को शौक या व्यापार बना रहे हैं, उन्हें जेल में ठोकें।”

यह बैठक हरियाणा के एनसीआर जिलों में सार्वजनिक सुरक्षा और निवेश-अनुकूल माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित की गई।