जंतर-मंतर पर हंगामा, प्रदर्शनकारियों के हमले में पुलिसकर्मी घायल, इलाके में भारी बल तैनात

कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जबकि सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखीं।

जंतर-मंतर पर हंगामा, प्रदर्शनकारियों के हमले में पुलिसकर्मी घायल, इलाके में भारी बल तैनात

संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचे प्रदर्शनकारी

सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखीं तीन शर्तें

दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी।

पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया। - Dainik Bhaskar

प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग हटाने और आगे बढ़ने की कोशिश की। कुछ प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गए, जबकि कुछ लोग बैरिकेड पार कर संसद मार्ग क्षेत्र की ओर बढ़े।

पुलिस ने किया बल प्रयोग, कई घायल होने का दावा

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हुए और कुछ के सिर पर चोट आई। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज और हिंसा के आरोपों से इनकार किया है।

पुलिस का कहना है कि संसद मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी और स्थिति को पूरी तरह पेशेवर तरीके से संभाला गया।

राजधानी में हाई अलर्ट, कई मेट्रो स्टेशन बंद

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा भवन समेत कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध लगाए गए।

नई दिल्ली जिले में अतिरिक्त पुलिस बल, RAF, दंगा नियंत्रण वाहन, वाटर कैनन और रिजर्व फोर्स को तैनात किया गया। संसद, राष्ट्रपति भवन और केंद्रीय इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी गई।

सोनम वांगचुक ने रखीं तीन शर्तें

23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखीं।

उन्होंने मांग की कि सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। साथ ही CJP प्रतिनिधिमंडल को संसद तक जाने दिया जाए और सांसद इन मुद्दों को संसद में उठाने का आश्वासन दें।

यदि स्वास्थ्य कारणों से वे संसद नहीं जा सकते, तो सांसदों को सफदरजंग अस्पताल आकर समर्थन देना चाहिए।

कई राजनीतिक नेताओं ने दिया समर्थन

प्रदर्शन में मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आतिशी, चंद्रशेखर आजाद, डिंपल यादव, प्रकाश राज और शबाना आजमी समेत कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां शामिल हुईं या समर्थन में आगे आईं।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसे किसी भी कीमत पर बदनाम नहीं होने दिया जाएगा।