भिवानी में CJI सूर्यकांत का संदेश, मेहनत ही सफलता की कुंजी- AI पर CJI की दो टूक, जजमेंट में नहीं होगा इस्तेमाल
भिवानी में CBLU दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत ने छात्रों को मेहनत का संदेश दिया और न्याय में AI के उपयोग के फायदे व जोखिमों पर बात की।
➤ CJI सूर्यकांत भिवानी पहुंचे, छात्रों को मेहनत और लगन का संदेश
➤ AI पर बोले—फायदे हैं लेकिन गलत जजमेंट का खतरा भी
➤ CBLU दीक्षांत समारोह में 600 छात्रों को डिग्रियां वितरित
हरियाणा के भिवानी में आयोजित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (CBLU) के 5वें दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश से आने वाले विद्यार्थियों के लिए सफलता का रास्ता अधिक चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन मेहनत, लगन और निष्ठा से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र अक्सर सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं। इसलिए उन्हें अपनी मेहनत पर भरोसा रखना चाहिए।
कार्यक्रम में असीम कुमार घोष और महिपाल ढांडा भी मौजूद रहे। इस मौके पर करीब 600 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां वितरित की गईं। इनमें 43 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 12 को पीएचडी डिग्री प्रदान की गई।
एआई के उपयोग पर बोलते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा कि न्याय व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सीमित और संतुलित उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैसला देना केवल जज का काम है, और इस जिम्मेदारी में AI को शामिल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि AI की कई पॉजिटिव चीजें हैं, जिन्हें अपनाया गया है, लेकिन कुछ नेगेटिव पहलू भी सामने आए हैं, जैसे गलत जानकारी या फर्जी निष्कर्ष उत्पन्न करना। इन जोखिमों को देखते हुए न्यायपालिका ने एहतियाती कदम उठाए हैं।
इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बार बंसीलाल ने उनसे बात करने के लिए फोन किया था, जिसे उनकी पत्नी ने उठाया और सहज अंदाज में बातचीत करवाई।
गौरतलब है कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 24 नवंबर 2025 को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी और वे इस पद तक पहुंचने वाले हरियाणा के पहले व्यक्ति हैं। इससे पहले वे हिसार और रोहतक का दौरा कर चुके हैं, जबकि भिवानी में यह उनका पहला दौरा रहा।
उन्होंने लंबित मामलों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि केस पेंडेंसी में पहले की तुलना में सुधार हुआ है और आने वाले समय में इसमें और सुधार देखने को मिलेगा।
Akhil Mahajan