हरियाणा में बढ़ी राजनीतिक सियासत की गर्मी, जगदीप धनखड़ से आज मुलाकात करेंगे अभय चौटाला

इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला दिल्ली में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात करेंगे और रोहतक में ताऊ देवीलाल जयंती रैली का निमंत्रण देंगे। कांग्रेस के पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह भी रैली में शामिल होंगे और इनेलो में शामिल होने की चर्चाएं तेज हैं।

हरियाणा में बढ़ी राजनीतिक सियासत की गर्मी, जगदीप धनखड़ से आज मुलाकात करेंगे अभय चौटाला

➤ इनेलो प्रमुख अभय चौटाला, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात करेंगे
➤ ताऊ देवीलाल जयंती रैली का निमंत्रण देने रोहतक में कार्यक्रम
➤ कांग्रेस के पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह भी रैली में शामिल होंगे, इनेलो में शामिल होने की चर्चाएं


हरियाणा की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की संभावना जताई जा रही है। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला दिल्ली के छतरपुर स्थित अपने फॉर्म हाउस में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात का उद्देश्य रोहतक में 25 सितंबर को ताऊ देवीलाल की जयंती पर आयोजित होने वाली प्रदेश स्तरीय रैली में उन्हें निमंत्रण देना है। इनेलो के वरिष्ठ नेता उमेद लोहान ने इस मुलाकात की पुष्टि की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि ताऊ देवीलाल को अपना आदर्श मानने वाले जगदीप धनखड़ इस निमंत्रण को स्वीकार कर सकते हैं। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने भी रैली में शामिल होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि वह ताऊ देवीलाल को अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए इस कार्यक्रम में जाएंगे। संपत सिंह के रैली में शामिल होने की घोषणा के बाद उनकी इनेलो में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

ताऊ देवीलाल के साथ जगदीप धनखड़ की पुरानी तस्वीर।

संपत सिंह, जो कुमारी सैलजा के करीबी नेता हैं, अगर इनेलो में शामिल होते हैं तो वे कांग्रेस से जा चुके तीसरे प्रमुख नेता होंगे। संपत सिंह को 1982, 1987, 1991, 1998, 2000 और 2009 में हरियाणा विधानसभा के लिए चुना गया था। हिसार से लोकसभा चुनाव हारने के बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए थे। इसके अलावा, उन्होंने ओमप्रकाश चौटाला की अस्थि कलश यात्रा में भी हिस्सा लिया था।

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हाल ही में अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था और सरकारी आवास खाली कर दिया था। इसके बाद वह अभय चौटाला के फॉर्म हाउस में रहने लगे। अभय चौटाला ने स्पष्ट किया है कि उनके और जगदीप धनखड़ के बीच राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक संबंध हैं।