आईजी वाई. पूरन कुमार केस : चौथे दिन बनी सहमति, आज हो सकता है पोस्टमॉर्टम
आईजी वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में चार दिन बाद प्रशासन और परिवार के बीच सहमति बनी। देर रात सीएम आवास पर हुई बैठक के बाद पोस्टमार्टम की मंजूरी दी गई। सरकार ने जांच की निगरानी के लिए वरिष्ठ समिति बनाई।
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मुख्यमंत्री निवास पर देर रात हुई अहम बैठक, परिवार से बातचीत के बाद बनी सहमति
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सरकार ने जांच की निगरानी के लिए वरिष्ठ मंत्री को सौंपी जिम्मेदा
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रात देर तक चली बैठक में बनी बात, मंत्री पंवार और होम सेक्रेटरी ने मनाया परिवार
हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में चार दिन बाद आखिरकार पोस्टमॉर्टम को लेकर सहमति बन गई है। शुक्रवार रात देर तक चली बैठकों के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए हामी भरी। देर रात हरियाणा की गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आईजी की पत्नी और सीनियर आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार से मुलाकात कर बातचीत की।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। हालांकि यह अभी तय नहीं है कि यह सेक्टर-16 अस्पताल में होगा या फिर PGI चंडीगढ़ में। पूरन कुमार का शव फिलहाल सेक्टर-16 स्थित मॉर्च्युरी में रखा गया है।
सरकार की ओर से ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार को परिवार को समझाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पंवार शुक्रवार को दो बार परिवार से मिले और पोस्टमॉर्टम व अंतिम संस्कार के लिए राजी करने का प्रयास किया। परिवार का रुख शुरू में बेहद सख्त था और उन्होंने साफ कहा था कि जब तक एफआईआर में नामजद अफसरों पर कार्रवाई नहीं होगी, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
इस केस में गुरुवार देर रात चंडीगढ़ सेक्टर-11 थाना में हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया समेत 15 अफसरों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 3(5) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, DGP शत्रुजीत कपूर की छुट्टी तय मानी जा रही है। नए डीजीपी की रेस में आलोक मित्तल, ओपी सिंह और अरशिंद्र सिंह चावला के नाम चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि आलोक मित्तल ने गुरुवार रात मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात भी की थी।
SIT जांच में जुटी, परिवार की सुरक्षा बढ़ाई गई
चंडीगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को IG पुष्पेंद्र कुमार की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय SIT का गठन किया है। इसमें SSP कंवरदीप कौर सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। टीम को पूरे मामले की निगरानी और सुसाइड नोट में दर्ज आरोपों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उधर, हरियाणा सरकार ने आईजी पूरन कुमार के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास के बाहर पुलिस बूथ स्थापित किया गया है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने लिया संज्ञान
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सात दिनों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और चेतावनी दी है कि जवाब न मिलने की स्थिति में अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तलब किया जा सकता है।
आयोग के चेयरमैन अशोक मकवाना शुक्रवार शाम पूरन कुमार के सरकारी आवास पर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। बाहर आकर उन्होंने कहा, “पूरन कुमार को न्याय दिलाया जाएगा। परिवार अकेला नहीं है।”
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