छात्र आंदोलन के बीच मोदी सरकार का बड़ा एक्‍शन, शिक्षा मंत्रालय से हटाए गए विनीत जोशी

छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेजा गया, जबकि नरेश पाल गंगवार नए उच्च शिक्षा सचिव बनाए गए।

छात्र आंदोलन के बीच मोदी सरकार का बड़ा एक्‍शन, शिक्षा मंत्रालय से हटाए गए विनीत जोशी

उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाए गए विनीत जोशी
नरेश पाल गंगवार बने उच्च शिक्षा विभाग के नए सचिव
जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा फैसला


नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादलों को मंजूरी दी है। इसके तहत उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देशभर के छात्र पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इस बदलाव को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

शिक्षा मंत्रालय के दोनों विभागों में नए सचिव

सरकार ने स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में भी बदलाव किया है। केरल कैडर के 1995 बैच के आईएएस अधिकारी टी. के. अनिल कुमार को इस विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। इस तरह शिक्षा मंत्रालय के दोनों प्रमुख विभागों में नए सचिवों की तैनाती की गई है।

कौन हैं नरेश पाल गंगवार?

नरेश पाल गंगवार 1994 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने 1993 में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की थी। राज्य सरकार में वे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। उनका जन्म 21 अक्टूबर 1970 को हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक, कम्युनिकेशन एंड रडार में एमटेक तथा इकोनॉमिक्स में एमए की डिग्री प्राप्त की है।

विनीत जोशी को मिली नई जिम्मेदारी

1992 बैच के आईएएस अधिकारी विनीत जोशी अब पंचायती राज मंत्रालय में सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। शिक्षा मंत्रालय में उनके स्थान पर नई नियुक्ति के साथ मंत्रालय के शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक पुनर्गठन पूरा हो गया है।

छात्रों से बातचीत की अपील

इस बीच केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से आंदोलन समाप्त कर बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। सरकार ने पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक प्रक्रिया से कार्रवाई का फैसला किया है ताकि जल्द से जल्द सजा सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने के लिए तैयार है और बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है।