हरियाणा में नहरी विभाग पर बड़ी कार्रवाई: 8 करोड़ का काम बिना टेंडर कराने के आरोप में SE समेत 3 अधिकारी निलंबित

हरियाणा के नहरी विभाग में 8 करोड़ रुपए की पाइपलाइन परियोजना में बिना टेंडर काम कराने के आरोप में SE समेत तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

हरियाणा में नहरी विभाग पर बड़ी कार्रवाई: 8 करोड़ का काम बिना टेंडर कराने के आरोप में SE समेत 3 अधिकारी निलंबित

फतेहाबाद की पाइपलाइन परियोजना में टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप
हिसार के SE, आदमपुर XEN और SDO पर गिरी गाज, ACS अनुराग अग्रवाल ने की कार्रवाई
सूत्रों का दावा- बारिश से पहले काम पूरा कराने का था दबाव, बाद में पूरी होनी थी कागजी प्रक्रिया


हरियाणा के नहरी विभाग में 8 करोड़ रुपए की पाइपलाइन परियोजना को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। हिसार नहरी विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) विमल कुमार, आदमपुर डिविजन के XEN विनोद कुमार और SDO अक्षय को निलंबित कर दिया गया है। इन अधिकारियों पर फतेहाबाद के गांव खाराखेड़ी में बाढ़ का पानी निकालने के लिए बनाई गई करीब 8 करोड़ रुपए की पाइपलाइन का कार्य बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए कराने का आरोप है। बताया जा रहा है कि एक अज्ञात शिकायत के आधार पर विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल ने यह कार्रवाई की है।

मामले के अनुसार, खाराखेड़ी क्षेत्र में बारिश और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य कराया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इतने बड़े कार्य के लिए निर्धारित टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच के बाद संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।

हालांकि, इस मामले में सूत्रों के हवाले से दूसरा पक्ष भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ड्रेन और पाइपलाइन से जुड़े कार्यों को जल्द पूरा कराने का दबाव था। अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि पहले काम पूरा कराया जाए और आवश्यक अनुमतियां तथा कागजी औपचारिकताएं बाद में पूरी कर ली जाएं। इसी भरोसे पर अधिकारियों ने कार्य शुरू कराया था।

सूत्रों का यह भी कहना है कि अब टेंडर संबंधी शर्तें पूरी नहीं होने का हवाला देते हुए तीनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।

इस पूरे मामले में एक और पहलू भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि SE विमल बिश्नोई का कुछ समय पहले सरकार द्वारा तबादला किया गया था, लेकिन वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर मिलने के बाद अपनी वर्तमान जिम्मेदारियां निभा रहे थे। अब निलंबन की कार्रवाई के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।