Video: शिरडी में भावुक हुए अन्ना हजारे: छात्रों के समर्थन में मौन आंदोलन के दौरान छलके आंसू, PM मोदी से भी की बड़ी अपील

शिरडी में छात्रों के समर्थन में मौन आंदोलन के दौरान अन्ना हजारे भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संवाद और जवाबदेही की अपील की।

Video: शिरडी में भावुक हुए अन्ना हजारे: छात्रों के समर्थन में मौन आंदोलन के दौरान छलके आंसू, PM मोदी से भी की बड़ी अपील

छात्रों के समर्थन में शिरडी के गांधी मेमोरियल में मौन आंदोलन में शामिल हुए अन्ना हजारे
तबीयत ठीक न होने के बावजूद पहुंचे, आंदोलन के दौरान भावुक होकर रो पड़े
PM मोदी को पत्र लिखकर संवाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही की मांग की


वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे छात्रों के समर्थन में आयोजित मौन आंदोलन के दौरान भावुक हो गए। महाराष्ट्र के शिरडी स्थित वाडिया पार्क के गांधी मेमोरियल में आयोजित इस कार्यक्रम में वह खराब स्वास्थ्य के बावजूद पहुंचे। आंदोलन के दौरान वह फफक-फफक कर रो पड़े, जिससे वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। कुछ देर कार्यक्रम में रहने के बाद वह वापस लौट गए, लेकिन उनके जाने के बाद भी मौन आंदोलन जारी रहा।

यह मौन आंदोलन दिल्ली में छात्रों के चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में आयोजित किया गया था। छात्रों के आंदोलन के बीच लगातार यह सवाल उठ रहा था कि अन्ना हजारे इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाएंगे। अब उन्होंने न केवल आंदोलन में भाग लिया, बल्कि इससे पहले 22 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भी अपनी चिंता जाहिर की।

अपने पत्र में अन्ना हजारे ने लिखा कि हिंसा और पुलिस कार्रवाई की खबरें बेहद पीड़ादायक हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं के असंतोष को कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानने के बजाय समाज की पीड़ा और अपेक्षाओं के रूप में देखा जाना चाहिए। उनका मानना है कि ऐसे मामलों का समाधान संवाद और संवेदनशीलता से निकाला जाना चाहिए।

अन्ना हजारे ने पत्र में यह भी कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगा जाता है तो इससे सरकार नहीं गिरेगी। बल्कि इससे सरकार की जवाबदेही और कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात धैर्यपूर्वक सुनने, विश्वास का माहौल बनाने और सकारात्मक संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।

मीडिया से बातचीत में अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसलिए पत्र लिखा क्योंकि वह देश के सर्वोच्च नेता हैं और उन्हें जनता के मुद्दों तथा युवाओं की भावनाओं से अवगत कराया जाना चाहिए।