वैभव सूर्यवंशी का जलवा: अंग्रेजों के खिलाफ फाइनल में यादगार शतक ठोककर फोड़ डाले कई रिकॉर्ड्स

अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ तूफानी शतक जड़कर इतिहास रच दिया और कई रिकॉर्ड तोड़ दिए।

वैभव सूर्यवंशी का जलवा:  अंग्रेजों के खिलाफ फाइनल में  यादगार शतक ठोककर फोड़ डाले कई रिकॉर्ड्स

फाइनल में 55 गेंदों में शतक, दूसरा सबसे तेज़ शतक
80 गेंदों में 175 रन, टीम इंडिया को ऊँचा स्कोर दिलाया
भारत ने फाइनल 100 रन से जीता और रिकॉर्ड तोड़े


अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत और इंग्लैंड के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जिसमें भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। इस मैच में वैभव ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी पारी खेली और 80 गेंदों में 175 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम इंडिया को भारी स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने 55 गेंदों में शतक जमाया, जो इस टूर्नामेंट के फाइनल में दूसरा सबसे तेज़ शतक है, और विरोधी गेंदबाज़ों को जैसे सीख दे दी। उनके इस प्रदर्शन ने न सिर्फ टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि कई रिकॉर्ड भी ध्वस्त किए।

भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 411 रन पर 9 विकेट बनाए, जिसमें वैभव सूर्यवंशी का 175 रन का योगदान रहा। उन्होंने इस दौरान 15 चौके और 15 छक्के जड़े और बल्लेबाज़ी के जिस फरमान को देखा, वह दोनों तरफ़ के फैंस के लिए यादगार बन गया। उनके साथ कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी अहम भूमिका निभाई और 53 रन की पारी खेली।

जवाव में इंग्लैंड की टीम 311 रन ही बना पाई और भारत ने इस बड़े फाइनल को 100 रन से जीत लिया, जिससे भारतीय अंडर-19 टीम ने छठी बार विश्व कप खिताब अपने नाम किया। वैभव सूर्यवंशी को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया, जबकि उनकी पारी को क्रिकेट विशेषज्ञों ने युवा क्रिकेट का सबसे शानदार प्रदर्शन बताया।

 भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ ऐसा तूफानी शतक जड़ा, जिसने न सिर्फ भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि कई पुराने रिकॉर्ड भी चकनाचूर कर दिए। बड़े मंच पर दबाव के बावजूद वैभव ने जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ बल्लेबाजी की, उसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। यह पारी आने वाले वर्षों तक भारतीय युवा क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाएगी।

फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की शुरुआत संभली हुई रही, लेकिन जैसे ही वैभव सूर्यवंशी ने लय पकड़ी, मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। उन्होंने इंग्लैंड के अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ होकर शॉट खेले और मैदान के चारों ओर रन बटोरे। वैभव ने बेहद कम गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया, जिससे वह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उनकी पारी में चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिली।

इस ऐतिहासिक पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। वह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए। इसके साथ ही उन्होंने फाइनल में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। उनकी इस पारी ने भारतीय टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई और इंग्लैंड की टीम पूरी तरह दबाव में आ गई।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की यह पारी केवल एक मैच जिताने वाली पारी नहीं थी, बल्कि यह संकेत है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है। सोशल मीडिया पर भी उनकी इस ऐतिहासिक पारी की जमकर तारीफ हो रही है और क्रिकेट प्रेमी उन्हें आने वाला सुपरस्टार बता रहे हैं।