झज्जर में 2 वर्षीय मासूम की पानी के हौद में डूबने से मौत

झज्जर के साल्हावास गांव में 2 वर्षीय बच्ची की पानी के हौद में डूबने से मौत हो गई। खेलते समय हुए हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

झज्जर में 2 वर्षीय मासूम की पानी के हौद में डूबने से मौत

झज्जर में 2 वर्षीय मासूम की पानी के हौद में डूबने से मौत

खेलते-खेलते घर से बाहर निकली थी बच्ची

आर्थिक तंगी के कारण बाइक पर गांव ले जाना पड़ा शव

हरियाणा के झज्जर जिले के साल्हावास गांव में एक दर्दनाक हादसे में 2 वर्षीय मासूम बच्ची की पानी के हौद में डूबने से मौत हो गई। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, जबकि उसकी मां घर के अंदर खाना बनाने में व्यस्त थी। काफी देर तक बच्ची नजर नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, जिसके बाद हौद में उसका शव मिलने से परिवार में मातम छा गया।

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी मजदूर कुशन पाल अपनी पत्नी के साथ साल्हावास गांव में किराए के मकान में रह रहे हैं। शादी के चार साल बाद संतान सुख मिलने पर परिवार ने अपनी बेटी का नाम प्यार से परी रखा था। वह परिवार की इकलौती संतान और सभी की लाडली थी।

परिजनों के मुताबिक कुशन पाल कुछ दिन पहले मजदूरी के लिए पंजाब गया हुआ था। घर पर उसकी पत्नी खाना बनाने में लगी थी, जबकि परी घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान वह खेलते-खेलते घर के पास बने करीब 9 फुट गहरे पानी के हौद तक पहुंच गई।

परिवार का मानना है कि बच्ची पानी में अपना प्रतिबिंब देखते समय संतुलन खो बैठी और हौद में गिर गई। कुछ समय बाद जब वह दिखाई नहीं दी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास खोजबीन के दौरान हौद में बच्ची दिखाई दी। उसे तुरंत बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति भी चर्चा का विषय बन गई। परिजनों के अनुसार उनके पास शव को गांव ले जाने के लिए एंबुलेंस का खर्च उठाने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में एक पड़ोसी ने अपनी बाइक उपलब्ध कराई।

भारी मन और नम आंखों के साथ पिता अपनी मासूम बेटी के शव को बाइक पर लेकर गांव के लिए रवाना हुआ। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी यह दृश्य देखकर नम हो गईं।

हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि घरों और निर्माण स्थलों के पास खुले पड़े पानी के हौद बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और ऐसे हौदों को सुरक्षित ढंग से ढकने की जरूरत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।