उचाना सीट पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, BJP विधायक अत्री की याचिका खारिज
जींद की उचाना विधानसभा सीट पर हाईकोर्ट ने BJP विधायक देवेंद्र अत्री की याचिका खारिज की। कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह की रिकाउंटिंग याचिका पर 19 सितंबर से नियमित सुनवाई होगी।
➤ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने BJP विधायक देवेंद्र अत्री की याचिका खारिज की
➤ उचाना सीट पर कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह ने 32 वोटों से हार पर रिकाउंटिंग की मांग की थी
➤ अब 19 सितंबर से बृजेंद्र सिंह की याचिका पर नियमित सुनवाई शुरू होगी
जींद जिले की उचाना विधानसभा सीट पर हुए चुनावों को लेकर कानूनी जंग और तेज हो गई है। भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री द्वारा दायर की गई याचिका को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अत्री ने कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह की संशोधित चुनाव याचिका को खारिज करने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
न्यायमूर्ति अनूप चिटकारा की अदालत ने 11 सितंबर को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब इस पर निर्णय सुनाते हुए कोर्ट ने अत्री की याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही बृजेंद्र सिंह की चुनाव याचिका पर नियमित सुनवाई शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने अगली तारीख 19 सितंबर तय की है, जिस दिन आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
उचाना विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र अत्री महज 32 वोटों से विजयी हुए थे। उन्हें 48,968 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह को 48,936 वोट प्राप्त हुए। इस मामूली अंतर ने चुनाव परिणाम को विवादास्पद बना दिया। खास बात यह रही कि इस चुनाव में 215 वोट रिजेक्ट या कैंसिल कर दिए गए थे, जो जीत-हार के अंतर से कहीं अधिक थे।
बृजेंद्र सिंह का आरोप है कि कई पोस्टल बैलेट और रिजेक्ट वोटों की गिनती तय प्रक्रिया के मुताबिक वीडियोग्राफी के बीच नहीं कराई गई। उनका कहना है कि यदि उन वोटों की सही तरीके से जांच होती, तो नतीजा बदल सकता था। उन्होंने इसी आधार पर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की।
इस पर भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री ने तर्क दिया कि बृजेंद्र सिंह की संशोधित याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और इसे खारिज कर देना चाहिए। लेकिन अदालत ने उनके तर्क को खारिज कर दिया और अब बृजेंद्र सिंह की याचिका पर नियमित सुनवाई शुरू होगी।
इस फैसले से जहां कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह को बड़ी राहत मिली है, वहीं भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री के लिए यह झटका है। अब 19 सितंबर की सुनवाई में यह तय होगा कि रिजेक्ट वोटों और पोस्टल बैलेट की गिनती को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।