सोनीपत में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, महिला पटवारी और कैंटीन संचालक 20 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
सोनीपत के खरखौदा में महिला पटवारी और कैंटीन संचालक को ₹20 हजार की रिश्वत लेते हुए सोनीपत-रोहतक ACB की संयुक्त टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जमीन मालिकाना हक की फाइल के बदले रिश्वत मांगी गई थी।
➤ जमीन के मालिकाना हक की फाइल पास करने के बदले मांगी रिश्वत
➤ महिला पटवारी ने कहा बिना रुपए यहां काम नहीं होता
➤ ACB ने कैंटीन संचालक के जरिए पकड़ा पूरा रिश्वत खेल
सोनीपत जिले के खरखौदा ब्लॉक कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब सोनीपत और रोहतक एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की संयुक्त टीम ने महिला पटवारी सुदेश को ₹20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में पटवारी के साथ-साथ रिश्वत की रकम पहुंचाने वाले कैंटीन संचालक कृष्ण चंद को भी मौके से दबोच लिया गया। यह रिश्वत जमीन के मालिकाना हक से जुड़ी फाइल को पास कराने के बदले ली जा रही थी।
शिकायतकर्ता अनिल, निवासी गांव सिसाना, ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि उसकी 450 वर्गगज की पंचायती जमीन है, जिस पर उसका परिवार पिछले करीब 25 वर्षों से काबिज है। हरियाणा सरकार की मालिकाना हक योजना के तहत इस जमीन की रजिस्ट्री कराई जानी थी। इसके लिए फाइल तैयार करवाई गई, लेकिन पटवारी सुदेश ने फाइल पास करने के बदले रिश्वत की मांग शुरू कर दी।
‘यहां बिना रिश्वत काम नहीं होता’, महीनों तक फाइल रोके रखी
शिकायत के अनुसार, महिला पटवारी ने साफ शब्दों में कहा कि यहां बिना रुपए कोई काम नहीं होता। शुरुआत में उसने ₹25 हजार की मांग की, बाद में सौदा ₹20 हजार में तय हुआ। रिश्वत न मिलने पर पटवारी ने जानबूझकर कई महीनों तक फाइल को लटकाए रखा, जिससे पीड़ित लगातार दफ्तरों के चक्कर काटता रहा।
आखिरकार तंग आकर अनिल ने एसीबी से संपर्क किया। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर सोनीपत और रोहतक एसीबी ने संयुक्त रूप से जाल बिछाया।
कैंटीन संचालक के जरिए मंगवाई रिश्वत, मौके पर दबिश
ट्रैप के तहत पटवारी ने रिश्वत की रकम सीधे लेने के बजाय दफ्तर की कैंटीन चलाने वाले कृष्ण चंद को भेजा। तय योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता ने ₹20 हजार की रिश्वत कृष्ण चंद को दी। जैसे ही वह यह रकम लेकर पटवारी सुदेश के पास पहुंचा, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने दबिश देकर दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
महिला पटवारी सुदेश पिछले तीन वर्षों से खरखौदा में तैनात थी। एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस तरह की रिश्वतखोरी में अन्य कर्मचारी भी शामिल तो नहीं हैं।
प्रशासन में सख्ती का संदेश, जांच जारी
इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग और ब्लॉक कार्यालय में खलबली मची हुई है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और सबूतों के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Akhil Mahajan