RTO कार्यालय में 1 लाख की रिश्वत लेते इंस्पेक्टर रंगे हाथ गिरफ्तार

रोहतक में RTO कार्यालय के इंस्पेक्टर और सहायक सचिव को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार किया, हर महीने लाखों की वसूली का खुलासा हुआ।

RTO कार्यालय में 1 लाख की रिश्वत लेते इंस्पेक्टर रंगे हाथ गिरफ्तार

RTO कार्यालय में 1 लाख की रिश्वत लेते इंस्पेक्टर रंगे हाथ गिरफ्तार
हर महीने 8 लाख रुपए की सेटिंग का खुलासा, पहले भी ले चुका था लाखों रुपए
एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, सहायक सचिव भी गिरफ्तार


हरियाणा के रोहतक में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने RTO कार्यालय में तैनात इंस्पेक्टर और सहायक सचिव को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी राकेश राणा (इंस्पेक्टर, RTO कार्यालय गांव कन्हेली रोहतक) को 1,00,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। उसके साथ मनीष मदान (सहायक सचिव) को भी मौके से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई महर्षि दयानंद कॉलोनी रोहतक में की गई।

शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को दी शिकायत में बताया कि वह प्राइवेट बसों और ट्रालों का पार्टनरशिप में काम करता है। उसके ट्राले नंबर HR-84A-0251 का RTO विभाग द्वारा चालान काटा गया था। जब वह चालान भरने के लिए कार्यालय गया तो उसकी मुलाकात इंस्पेक्टर राकेश राणा और सहायक सचिव मनीष मदान से हुई।

दोनों अधिकारियों ने उसे कहा कि अगर वह उनके साथ गाड़ियों की सेटिंग नहीं करेगा तो लगातार चालान होते रहेंगे। जब शिकायतकर्ता ने पूछा कि इस सेटिंग के लिए कितनी रकम देनी होगी, तो आरोपियों ने बताया कि प्रति गाड़ी 7,000 रुपए मासिक रिश्वत देनी होगी

शिकायतकर्ता और उसके साथियों की लगभग 150 गाड़ियां चलती हैं, जिसके हिसाब से हर महीने 10,50,000 रुपए की मांग की गई। बाद में यह डील 8,00,000 रुपए प्रति माह में तय हुई। शिकायतकर्ता पहले ही 5,50,000 रुपए रिश्वत दे चुका था

इसके बाद 5 मई 2026 को आरोपियों को 1 लाख रुपए की अगली किस्त दी जानी थी, लेकिन शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवा दी

ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रेडिंग पार्टी तैयार की और जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है।

ब्यूरो के निदेशक डॉ. शत्रुंजय सिंह चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाला कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी रिश्वत मांगता है तो तुरंत टोल फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर शिकायत करें।