IIT मद्रास ने अमेरिका में खोला अपना पहला ग्लोबल रिसर्च सेंटर
IIT मद्रास ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में अपना पहला ग्लोबल रिसर्च सेंटर लॉन्च किया है, जिससे भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच और निवेश के अवसर मिलेंगे।
IIT मद्रास ने अमेरिका में खोला अपना पहला ग्लोबल रिसर्च सेंटर
कैलिफोर्निया सेंटर से भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को मिलेगा वैश्विक मंच
सिलिकॉन वैली के इनोवेशन और निवेश नेटवर्क से सीधे जुड़ेंगे भारतीय स्टार्टअप्स
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान IIT मद्रास ने वैश्विक तकनीकी और रिसर्च जगत में बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका में अपना पहला ग्लोबल रिसर्च सेंटर लॉन्च किया है। संस्थान के IITM Global Research Foundation की ओर से शुरू किया गया यह सेंटर भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स और रिसर्च इनोवेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
यह नया सेंटर अमेरिका के टेक्नोलॉजी हब कैलिफोर्निया में स्थापित किया गया है, जहां दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां और इनोवेशन नेटवर्क मौजूद हैं। माना जा रहा है कि इससे भारतीय स्टार्टअप्स को सीधे सिलिकॉन वैली के निवेशकों, रिसर्च संस्थानों और ग्लोबल मार्केट तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
IIT मद्रास का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य भारत में विकसित हो रही अत्याधुनिक तकनीकों और शोध कार्यों को वैश्विक मंच देना है। इसके जरिए भारतीय प्रतिभाओं को विदेशी टेक इकोसिस्टम के साथ जोड़कर नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
संस्थान के अनुसार, यह सेंटर विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमिकंडक्टर, रोबोटिक्स, क्लाइमेट टेक, क्वांटम टेक्नोलॉजी और अन्य उभरते क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को सहयोग देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में IIT मद्रास की मौजूदगी भारत के टेक सेक्टर की वैश्विक साख को और मजबूत करेगी। इससे भारतीय इनोवेशन को फंडिंग, रिसर्च पार्टनरशिप और इंटरनेशनल इंडस्ट्री कनेक्शन का फायदा मिल सकता है।
IIT मद्रास पहले से ही देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी संस्थानों में गिना जाता है। अब उसका यह अंतरराष्ट्रीय विस्तार भारतीय शिक्षा और रिसर्च सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे भारत के युवाओं और स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का नया मंच मिलेगा।
टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल भारत को केवल टेक्नोलॉजी कंज्यूमर नहीं, बल्कि ग्लोबल इनोवेशन लीडर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
pooja