हरियाणा में 20 करोड़ की जमीन पर फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाने के आरोप, जांच के आदेश
रेवाड़ी में खसरा नंबर 242 की 20 करोड़ की जमीन पर फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाने का आरोप लगा। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेताओं ने जांच की मांग की, डीसी ने कमेटी गठित की।
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हरियाणा के रेवाड़ी में 20 करोड़ की जमीन पर फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाने के आरोप
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पूर्व मंत्री अजय यादव व कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया
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डीसी अभिषेक मीणा ने कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए
हरियाणा के रेवाड़ी में लगभग 860 गज की जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि जमीन की प्रॉपर्टी आईडी फर्जी है और आरोप पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव, कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रवीण चौधरी और कई सामाजिक संगठनों ने पूरे प्रकरण में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेवाड़ी के डीसी आईएएस अभिषेक मीणा ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने डीआरओ, कार्यकारी अभियंता और अन्य अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया। डीसी ने संबंधित प्रॉपर्टी आईडी को फ्रीज करने का आदेश देते हुए स्पष्ट कहा कि टाइटल की जांच प्राथमिकता होगी, क्योंकि यह मामला सीधे राजस्व विभाग से जुड़ा है।
कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि खसरा नंबर 242 की जमीन की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए आंकी गई है। नप एमई की रिपोर्ट में इसे पहले ही नगर परिषद की संपत्ति बताया जा चुका है। इसके बावजूद, यह आईडी जो पहले फ्रीज थी, उसे हाल ही में डी-फ्रीज कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक पक्ष वसीयत के आधार पर जमीन पर दावा कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष अपने नाम पहले ही रजिस्ट्री करा चुका है। यह मामला पहले भी डीएमसी, डीआरओ और डीसी तक पहुंच चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रॉपर्टी आईडी दोबारा फ्रीज नहीं की गई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता डीसी कार्यालय के बाहर धरना देंगे।
पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने आरोप लगाया कि कमेटी ने जानबूझकर मिलीभगत करके फर्जी डबल प्रॉपर्टी आईडी बनाई है। उन्होंने कहा कि यह जमीन खुर्द-बुर्द करने की कोशिश है, जिस पर डीसी को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कोई नई प्रॉपर्टी आईडी जारी नहीं की गई है, बल्कि केवल एक पुराना ऑब्जेक्शन हटाया गया था। उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से साफ इनकार किया।
डीसी ने बयान जारी कर कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए कमेटी बनाई गई है और प्रॉपर्टी आईडी फिलहाल फ्रीज रहेगी। टाइटल की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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