राहुल गांधी को मिली 10 पुशअप की सजा! कांग्रेस ट्रेनिंग में देर से पहुंचे तो मिला दंड

पचमढ़ी में कांग्रेस ट्रेनिंग कैंप के दौरान देर से पहुंचने पर राहुल गांधी को 10 पुशअप की सजा मिली। उन्होंने जुजुत्सु सिखाकर नेताओं को जनता से जुड़ाव का संदेश दिया।

राहुल गांधी को मिली 10 पुशअप की सजा! कांग्रेस ट्रेनिंग में देर से पहुंचे तो मिला दंड
  • राहुल गांधी को मिली सजा – 10 पुशअप लगाने पड़े, कांग्रेस ट्रेनिंग में देरी से पहुंचे थे

  • अनुशासनहीनता पर कांग्रेस ट्रेनिंग हेड सचिन राव ने दी पनिशमेंट, राहुल ने मुस्कराकर स्वीकार की

  • जुजुत्सु सिखाकर बताया मजबूत पकड़ का मंत्र, बोले – “जनता से जुड़ाव ही असली ताकत है”


पचमढ़ी (मध्य प्रदेश)। कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शनिवार को एक दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 10 पुश अप लगाने की सजा मिली। कारण था — सत्र में लेट पहुंचना।

पचमढ़ी के होटल हाईलैंड में चल रहे कांग्रेस ट्रेनिंग कैंप में राहुल गांधी तय समय से कुछ देर से पहुंचे। इस पर कांग्रेस ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के हेड सचिन राव ने कहा कि शिविर में अनुशासन का पालन जरूरी है और नियम तोड़ने वालों को सजा दी जाती है।

राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए पूछा – “मेरे लिए क्या तय किया है?” इस पर सचिन राव ने जवाब दिया, “आपको 10 पुश अप लगाने होंगे।” इसके बाद राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों के सामने 10 पुशअप लगाए।

इसके बाद राहुल गांधी ने सभी जिला अध्यक्षों को जुजुत्सु (मार्शल आर्ट) का अभ्यास करवाया। उन्होंने बताया कि राजनीति में जमीन से जुड़ाव कितना जरूरी है। राहुल बोले, “आपके पैर जमीन पर मजबूत होने चाहिए। अगर जमीन छोड़ दी तो पकड़ कमजोर हो जाएगी।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ताकत नेताओं की परिक्रमा से नहीं, बल्कि जनता के बीच से आती है। राहुल ने कहा कि यदि कोई आपको गिराने की कोशिश करे तो गुस्सा नहीं, उसे गले लगाइए। यही असली संघर्ष की ताकत है।

राहुल ने 4-4 जिला अध्यक्षों को बुलाकर ‘जमीन पर पकड़’ मजबूत रखने का तरीका सिखाया। उन्होंने कहा कि असली नेता वही है जो हर हाल में जनता के साथ खड़ा रहे।

सत्र के दौरान कुछ जिला अध्यक्षों ने कहा कि उन्हें चिंता रहती है कि उनके काम का मूल्यांकन होगा या नहीं। इस पर राहुल गांधी ने कहा, “आप केवल काम कीजिए, मैं खुद आप सबके काम पर नजर रखूंगा।”

राहुल ने कहा, “जो मेरे खिलाफ बोलते हैं, वही मेरे गुरु हैं। मैं परवाह नहीं करता कौन क्या कहता है। आपको भी ध्यान भटकाने वालों की परवाह नहीं करनी चाहिए। जमीन पर काम करते रहिए।”

उन्होंने कार्यक्रम में जिला अध्यक्षों के परिवारों से भी मुलाकात की और उनके बच्चों की पढ़ाई, परीक्षाओं और भविष्य की योजनाओं पर बातचीत की। एक अध्यक्ष ने कहा कि “पहली बार लगा कि पार्टी प्रमुख परिवार का हिस्सा बनकर बात कर रहे हैं।”

रविवार को कार्यक्रम के आठवें दिन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सांसद शशिकांत सैंथिल और अशोक सिंह ने सत्रों को संबोधित किया। दिग्विजय ने “वर्तमान राजनीतिक चुनौतियां और कांग्रेस मिशन 2028” पर बात की, जबकि सैंथिल ने पंचायत स्तर तक संगठन विस्तार की रूपरेखा बताई।