पानीपत रिफाइनरी में फिर तनाव, तीन जिलों का पुलिस बल तैनात
पानीपत रिफाइनरी में कर्मचारियों की हड़ताल फिर तेज हो गई। सरकारी रेट और 8 घंटे ड्यूटी की मांग को लेकर कर्मचारी अड़े हैं, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात।
■ समझौते के दावे के बाद भी कर्मचारी फिर जुटे
■ तीन जिलों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात
■ सरकारी रेट और 8 घंटे ड्यूटी की मांग पर अड़े कर्मचारी
हरियाणा के पानीपत रिफाइनरी में हड़ताल एक बार फिर तेज हो गई है। बीते दिनों यह माना जा रहा था कि प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच समझौता हो चुका है और मांगें मान ली गई हैं, लेकिन बुधवार को हालात फिर तनावपूर्ण नजर आए। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी रिफाइनरी परिसर के बाहर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर अडिग दिखाई दिए।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। डीएसपी, सीआईए टीम और सीआईएसएफ के जवान मौके पर मौजूद हैं। इतना ही नहीं, पानीपत के अलावा कैथल और करनाल जिलों से भी अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सरकारी निर्धारित बोर्ड रेट के अनुसार भुगतान किया जाए। उनका आरोप है कि ठेकेदार पुराने और कम रेट पर काम करा रहे हैं।
कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि:
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उन्हें सी कैटेगरी के बजाय उचित कैटेगरी का वेतन मिले
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8 घंटे की नियमित ड्यूटी तय की जाए
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खाने-पीने और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था हो
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2012 के पुराने रेट पर अब काम नहीं करेंगे
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि कल जो कागजात दिखाए गए, उसमें उनकी वास्तविक मांगों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। उन्होंने दस्तावेज को “फेक” बताते हुए उस पर असहमति जताई।
पुलिस और प्रशासन की पहल
प्रबंधन और प्रशासन लगातार बातचीत की कोशिश में जुटे हैं। डीजीएम स्तर के अधिकारी पहले भी कर्मचारियों से वार्ता कर चुके हैं, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि कर्मचारी साफ कह रहे हैं कि “जब तक माहौल ठीक नहीं होगा, काम पर नहीं जाएंगे।” अब निगाहें प्रशासनिक प्रयासों पर टिकी हैं। क्या नई वार्ता से समाधान निकलेगा या हड़ताल और लंबी चलेगी — यह आने वाला समय बताएगा।
Akhil Mahajan