हरियाणा विधानसभा में बाबा साहेब के नाम पर हंगामा,बजट सत्र के पांचवें दिन गरमाया राजनीतिक माहौल

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में यमुनानगर यूनिवर्सिटी का नाम डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर रखने की मांग पर हंगामा हुआ। मंत्री महिपाल ढांडा के बयान पर विपक्ष ने विरोध जताया।

हरियाणा विधानसभा में बाबा साहेब के नाम पर हंगामा,बजट सत्र के पांचवें दिन गरमाया राजनीतिक माहौल

हरियाणा विधानसभा में बाबा साहेब के नाम पर सियासी टकराव, मंत्री ढांडा के बयान से गूंजा सदन

यूनिवर्सिटी के नामकरण को लेकर सदन में हंगामा
मंत्री महिपाल ढांडा के बयान पर विपक्ष का विरोध
स्पीकर ने कहा- नामकरण पर विवाद नहीं, पहले विश्वविद्यालय बने


चंडीगढ़ में चल रहे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन बाबा साहेब के नाम पर सियासी तकरार देखने को मिली। यमुनानगर में प्रस्तावित यूनिवर्सिटी का नाम डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर रखने की मांग को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हो गया।

साढ़ौरा से कांग्रेस विधायक रेणू बाला ने यमुनानगर में विश्वविद्यालय स्थापित करने के साथ उसका नाम भारत रत्न डॉ. आंबेडकर के नाम पर रखने की मांग उठाई। इस पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में पहले से 15 विश्वविद्यालय हैं और कई की घोषणा हो चुकी है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि "अब इन्हें भारत रत्न याद आ रहे हैं।"

मंत्री के इस बयान पर विपक्षी विधायकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।

स्पीकर ने कराया हस्तक्षेप

स्थिति बिगड़ती देख स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि नामकरण को लेकर हंगामा करने की जरूरत नहीं है। पहला सवाल यह है कि विश्वविद्यालय बनेगा या नहीं। सभी बाबा साहेब के अनुयायी हैं और जरूरत उनके विचारों को अपनाने की है।

इसी दौरान जुलाना विधायक विनेश फोगाट ने अपने क्षेत्र में जलभराव का मुद्दा उठाया और फोटो भी दिखाए। इस पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण पाल पंवार ने जवाब दिया कि सरकार ने कमेटी बनाकर काम शुरू कर दिया है। स्पीकर ने हल्के अंदाज में कहा, "मंत्री जी, विनेश का विशेष ख्याल रखें।"

मुआवजे और विकास पर भी गरमाया माहौल

सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक बलराम दांगी ने किसानों के मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 9000 किसानों में से केवल 1732 को ही मुआवजा मिला है। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का 100% मुआवजा खातों में भेजा गया है और उनकी सरकार ने पूर्व शासनकाल की तुलना में पारदर्शिता बढ़ाई है।

इसके अलावा खेल मैदान, स्मार्ट गलियां, कैंसर डे केयर सेंटर और नए सेक्टरों को लेकर भी सत्ता और विपक्ष के बीच सवाल-जवाब का दौर चला।

बजट सत्र के दौरान कुल 20 विधायकों ने प्रश्नकाल में अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाईं। सत्र से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक कर संभावित सवालों पर मंथन भी किया।