बजरंगी भाईजान जैसी कहानी, पानीपत में 65 दिन बाद मिला 10 साल का मासूम

पानीपत में बजरंगी भाईजान जैसी सच्ची कहानी सामने आई, जहां दिल्ली से भटका 10 साल का बच्चा 65 दिन बाद CWC की मदद से माता-पिता से मिल सका।

बजरंगी भाईजान जैसी कहानी, पानीपत में 65 दिन बाद मिला 10 साल का मासूम


➤ बजरंगी भाईजान जैसी कहानी पानीपत में हकीकत बनी
➤ दिल्ली से भटककर 65 दिन बाद माता-पिता से मिला 10 साल का मासूम
➤ CWC टीम की काउंसलिंग और मेहनत से परिवार फिर जुड़ा



सलमान खान की फिल्म बजरंगी भाईजान में दिखाई गई इंसानियत और जज़्बे की कहानी जैसी ही एक भावुक घटना हरियाणा के पानीपत में सामने आई है। करीब दो महीने पहले दिल्ली से खेल-खेल में ट्रेन में चढ़ा 10 साल का मासूम रास्ता भटककर पानीपत पहुंच गया था। बच्चे को न तो अपने घर का पूरा पता याद था और न ही माता-पिता का सही विवरण।

पानीपत पहुंचने के बाद बच्चे को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की निगरानी में रखा गया। शुरुआती दिनों में बच्चा डरा-सहमा रहा, लेकिन अधिकारियों और काउंसलरों ने लगातार उससे बातचीत की और भरोसा बनाया। 65 दिन तक अधिकारी रोज करीब दो-दो घंटे बच्चे के साथ खेलते रहे, मूवी दिखाईं, शॉपिंग कराई और लगातार काउंसलिंग की गई, ताकि वह खुद को अकेला न महसूस करे।

करीब दो महीने बाद बच्चे ने अचानक कहा कि अगर उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन ले जाया जाए तो वह अपना घर पहचान सकता है। इसके बाद CWC की टीम बच्चे को लेकर दिल्ली पहुंची। करीब पांच घंटे तक टीम बच्चे के साथ पैदल-पैदल गलियों में घूमती रही। मकानों, सड़कों और मस्जिदों की पहचान के जरिए आखिरकार पहाड़गंज इलाके में बच्चे का घर मिल गया।

जैसे ही बच्चा अपने माता-पिता को देख पाया, वह उनसे लिपटकर रो पड़ा। बेटे को सामने देखकर मां की भी सारी उम्मीदें टूट गईं और वह भी बच्चे को गले लगाकर फूट-फूट कर रोने लगी। परिवार के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था।

CWC अधिकारियों ने बताया कि माता-पिता कल पानीपत पहुंचकर जरूरी दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी करेंगे। सभी कागजी कार्रवाई के बाद बच्चे को विधिवत उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया जाएगा। यह कहानी न सिर्फ प्रशासन की संवेदनशीलता को दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सही प्रयास और इंसानियत से बिछड़े रिश्ते फिर जुड़ सकते हैं।