मानवता की मिसाल: पानीपत में 47 वर्षीय दीपक इन्सां का शरीरदान, बेटियों ने अर्थी को दिया कंधा, परिजनों ने दी श्रद्धांजलि

पानीपत के मॉडल टाउन निवासी 47 वर्षीय दीपक इन्सां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिजनों ने उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान कर मानवता की मिसाल पेश की।

मानवता की मिसाल: पानीपत में 47 वर्षीय दीपक इन्सां का शरीरदान, बेटियों ने अर्थी को दिया कंधा, परिजनों ने दी श्रद्धांजलि

डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत मेडिकल शोध के लिए किया गया शरीरदान
बेटियों ने अर्थी को कंधा देकर निभाई पिता की अंतिम इच्छा
लखनऊ मेडिकल संस्थान को सौंपी गई पार्थिव देह, क्षेत्रभर में सराहना


पानीपत। हरियाणा के पानीपत में मानवता और समाजसेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। मॉडल टाउन निवासी 47 वर्षीय दीपक शर्मा इन्सां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके परिजनों ने उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान कर दी। डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत हुए इस शरीरदान की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।

परिजनों ने बताया कि दीपक इन्सां जीवनभर मानवता की सेवा को सर्वोपरि मानते थे। उनकी इच्छा थी कि मृत्यु के बाद भी उनका शरीर समाज और चिकित्सा शिक्षा के काम आए। परिवार ने उनकी इसी इच्छा को पूरा करते हुए शरीरदान का निर्णय लिया।

लखनऊ मेडिकल संस्थान को सौंपी गई पार्थिव देह

डेरा सच्चा सौदा के सेवादार राजेश इन्सां ने बताया कि अमर सेवा मुहिम के तहत दीपक इन्सां की पार्थिव देह प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सराय शहजादी, बंथरा, कानपुर रोड, लखनऊ को मेडिकल शिक्षा एवं शोध कार्यों के लिए दान की गई।

शरीरदान से पहले उनकी पार्थिव देह को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखा गया, जहां साध-संगत, परिजनों और स्थानीय लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

बेटियों ने निभाई पिता की अंतिम इच्छा

डेरा सच्चा सौदा की 'बेटा-बेटी एक समान' मुहिम के तहत दीपक इन्सां की बेटियों अर्ज़ इन्सां और अंशिका इन्सां ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा।

बेटियों ने कहा कि उनके पिता हमेशा चाहते थे कि मृत्यु के बाद भी उनका शरीर किसी के काम आए। परिवार को गर्व है कि उनकी अंतिम इच्छा पूरी हो सकी।

'समाज के लिए प्रेरणादायक है शरीरदान'

जिला उपाध्यक्ष नवीन भाटिया ने कहा कि शरीरदान जैसी पहल समाज में जागरूकता बढ़ाने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान लोगों को मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

वहीं जन सेवा दल के सदस्य चमन लाल गुलाटी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दान किया गया शरीर मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन और शोध में सहायक बनेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि दीपक इन्सां ने नेत्रदान भी किया, जिससे दो जरूरतमंद लोगों को रोशनी मिल सकेगी।

2824वां शरीरदान

डेरा सच्चा सौदा के अनुसार संस्था की अमर सेवा मुहिम के तहत अब तक 2824 शरीरदान किए जा चुके हैं। संस्था का कहना है कि यह अभियान चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा को समर्पित है।