फिल्मी 'बंटी-बबली' स्टाइल में ठगी....पत्नी लिफ्ट मांगकर फंसाती, पति ब्लैकमेल कर ऐंठता था पैसे

पंचकूला में एक शादीशुदा कपल ने लिफ्ट के बहाने लोगों को ब्लैकमेल कर चार महीने में करीब 4 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने एक शिकायत के बाद पूरे मामले का खुलासा किया।

फिल्मी 'बंटी-बबली' स्टाइल में ठगी....पत्नी लिफ्ट मांगकर फंसाती, पति ब्लैकमेल कर ऐंठता था पैसे

पत्नी लिफ्ट मांगकर युवकों को जाल में फंसाती, पति पहुंचकर करता था ब्लैकमेल

नशे की लत पूरी करने के लिए चार महीने में 40 लोगों से करीब 4 लाख रुपये ठगे

एक प्रवासी मजदूर की शिकायत के बाद पंचकूला पुलिस ने खोला पूरा राज


पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में सामने आए एक ठगी के मामले ने लोगों को फिल्म 'बंटी-बबली' की याद दिला दी। हालांकि यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि पुलिस जांच में सामने आया वास्तविक मामला है। आरोप है कि एक शादीशुदा कपल ने लिफ्ट के बहाने लोगों को अपने जाल में फंसाकर ब्लैकमेल किया और महज चार महीनों में करीब 40 लोगों से लगभग 4 लाख रुपये ऑनलाइन और नकद ऐंठ लिए। पूरे मामले का खुलासा एक प्रवासी मजदूर की शिकायत के बाद हुआ।

पुलिस के अनुसार कैथल के सोलू माजरा गांव निवासी बलवान पहले पिंजौर स्थित एक गोशाला में काम करता था। उसने घायल और बीमार पशुओं के उपचार की ट्रेनिंग भी ली थी और गायों का इलाज करता था। वहीं हिमशिखा कॉलोनी निवासी सवनीत कौर अपने बीमार पालतू कुत्ते का इलाज कराने गोशाला पहुंची थी। यहीं दोनों की मुलाकात हुई और बातचीत धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई।

कुछ समय तक दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहे और बाद में 18 जुलाई 2025 को परिवार की सहमति से शादी कर ली। सवनीत कौर की पहले भी शादी हो चुकी थी और उसका एक बेटा है, जो फिलहाल अपनी नानी के पास रहता है।

पुलिस जांच में सामने आया कि सवनीत कौर पहले से चिट्टे के नशे की आदी थी। बाद में उसने अपने पति बलवान को भी नशे की लत लगा दी। नशे की वजह से दोनों का रोजगार छूट गया और रोजाना पैसों की जरूरत बढ़ती चली गई। इसी जरूरत ने दोनों को अपराध की राह पर धकेल दिया।

पुलिस के अनुसार, दोनों ने बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसाने का तरीका अपनाया। सवनीत कौर पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में बाइक या कार सवार युवकों से लिफ्ट मांगती थी। रास्ते में किराए के लिए कुछ रुपये और मोबाइल नंबर ले लेती। अगले दिन पैसे लौटाने के बहाने पीड़ित को किसी स्थान पर बुलाया जाता, जहां बलवान खुद को महिला का पति बताकर पहुंचता और आरोप लगाता कि उसकी पत्नी घर से गायब थी। इसके बाद दोनों मिलकर बदनामी का डर दिखाकर पीड़ितों से नकदी और ऑनलाइन पैसे वसूल लेते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि दोनों जिस व्यक्ति से जितनी रकम वसूलते थे, उसका मोबाइल नंबर उसी राशि के साथ अपने फोन में सेव कर लेते थे। लोकलाज और सामाजिक बदनामी के डर से अधिकांश पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत नहीं की। इसी कारण करीब चार महीने तक उनका यह खेल चलता रहा और दोनों ने लगभग 40 लोगों से करीब 4 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।

इस पूरे मामले का खुलासा 20 जून 2026 को एक प्रवासी मजदूर की शिकायत के बाद हुआ। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने रास्ते में एक महिला को पिंजौर जाने के लिए लिफ्ट दी थी। बाद में महिला ने पैसे लौटाने के बहाने उसे ईशर नगर बुलाया। वहां बलवान पहुंचा और खुद को महिला का पति बताते हुए उससे पैसे की मांग करने लगा। आरोप है कि दोनों शिकायतकर्ता को जबरन एटीएम ले गए और उसके खाते से 22 हजार रुपये निकलवा लिए। इसके अलावा उसका मोबाइल और बाइक भी छीन ली तथा उसे लोहगढ़ क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए।

पिंजौर थाना पुलिस ने 20 जून को आरोपी बलवान को गिरफ्तार कर लिया। जांच अधिकारी एएसआई विक्रमजीत के अनुसार आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दोनों ने कुल कितने लोगों को इसी तरीके से अपना शिकार बनाया। दोनों के मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए गए हैं और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश जारी है।