ओलंपियन DSP जयभगवान को कोर्ट का नोटिस, अस्पताल विवाद में सिक्योरिटी कर्मी से मारपीट के आरोप पर मांगा जवाब
भिवानी के सिवानी अस्पताल विवाद में DSP जयभगवान को कोर्ट ने नोटिस जारी किया। सिक्योरिटी कर्मी ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी, एसपी से रिपोर्ट मांगी।
➤ सिवानी अस्पताल विवाद में DSP जयभगवान को कोर्ट ने नोटिस जारी किया
➤ सिक्योरिटी कर्मी ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को दी चुनौती
➤ एसपी भिवानी से घटना की परिस्थितियों पर रिपोर्ट, अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को
हिसार सिटी। भिवानी जिले के सिवानी में अस्पताल के बाहर गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद के मामले में ओलंपियन मुक्केबाज और डीएसपी जयभगवान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सिवानी की एसडीजेएम कोर्ट ने मामले में उन्हें नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। कोर्ट ने भिवानी के एसपी से घटना की परिस्थितियों को लेकर रिपोर्ट भी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। यह घटना 6 मई 2025 की बताई गई है और इसके अगले दिन 7 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि डीएसपी जयभगवान ने अस्पताल के सिक्योरिटी कर्मी के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। हालांकि, बाद में पुलिस ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी थी। इसी रिपोर्ट को पीड़ित सिक्योरिटी कर्मी ने अदालत में चुनौती दी है।
अस्पताल में गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
घटना सिवानी के श्री कृष्ण प्रणामी अस्पताल की है। गांव रुपाणा निवासी नवरत्न अस्पताल में सिक्योरिटी कर्मी के तौर पर तैनात थे। 6 मई 2025 की शाम अस्पताल के पास स्थित धर्मशाला में पानी का टैंकर आना था। टैंकर खड़ा करने के लिए जिस जगह की जरूरत थी, वहां डीएसपी जयभगवान की गाड़ी खड़ी थी।
अस्पताल प्रबंधन के कहने पर नवरत्न ने डीएसपी से वाहन हटाने के लिए कहा। शिकायतकर्ता के अनुसार, इसी बात को लेकर विवाद हो गया और इसके बाद कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई।
सिक्योरिटी कर्मी ने लगाया लात-घूंसों से मारपीट का आरोप
शिकायतकर्ता नवरत्न के मुताबिक, गाड़ी हटाने के लिए कहने से नाराज होकर डीएसपी जयभगवान ने उन्हें बाहर खींच लिया और लात-घूंसों से मारपीट की। इस घटना का एक CCTV फुटेज भी सामने आया था। फुटेज में अंधेरे के बीच मारपीट होती दिखाई देने की बात सामने आई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बीच-बचाव किया। इसी दौरान आरोपी ने खुद को सिवानी का डीएसपी बताया। इसके बाद घायल नवरत्न को इलाज के लिए ले जाया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार अस्पताल में मांगी गई थी माफी
पीड़ित नवरत्न का कहना है कि इलाज के दौरान डीएसपी जयभगवान अस्पताल पहुंचे थे और उन्होंने माफी मांगते हुए अपनी गलती स्वीकार की थी। इसके बाद घटना के अगले दिन 7 मई 2025 को सिवानी थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने इसकी जांच की। हालांकि, बाद में पुलिस की ओर से अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी गई। शिकायतकर्ता ने इसी रिपोर्ट को चुनौती देते हुए अदालत का रुख किया है।
पुलिस की जांच पर भी शिकायतकर्ता ने उठाए सवाल
शिकायतकर्ता नवरत्न ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में उसके इलाज संबंधी रिकॉर्ड ठीक तरीके से दर्ज नहीं किया गया। उसका यह भी आरोप है कि आरोपी के खुद पुलिस अधिकारी होने के कारण जांच प्रभावित हुई और बाद में पुलिस ने मामले में रद्दीकरण रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी।
शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में इस पूरी जांच और क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी गई है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने डीएसपी जयभगवान को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है।
वकील ने बताया, प्रारंभिक साक्ष्य दर्ज
शिकायतकर्ता नवरत्न के वकील जिले सिंह कांटीवाल ने बताया कि अदालत में नवरत्न और गवाह संजय के प्रारंभिक साक्ष्य दर्ज करा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि चूंकि प्रस्तावित आरोपी लोक सेवक हैं, इसलिए अदालत ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अदालत ने इस मामले में भिवानी के एसपी से घटना की परिस्थितियों पर रिपोर्ट भी मांगी है। अब मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।
गुरदास मान के शो में भी चर्चा में आए थे DSP जयभगवान
डीएसपी जयभगवान इससे पहले भी एक अलग घटना को लेकर चर्चा में रहे हैं। हिसार स्थित हरियाणा कृषि यूनिवर्सिटी में पंजाबी गायक गुरदास मान के शो के दौरान भी उनके साथ एक असहज स्थिति सामने आई थी।
शो के दौरान जब गुरदास मान गाना गा रहे थे, तब डीएसपी मंच के पास नाचने लगे थे। वहां मौजूद बाउंसरों ने उन्हें बांह से पकड़कर पीछे हटा दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, डीएसपी ने अपना परिचय भी दिया, लेकिन बाउंसरों ने उन्हें पीछे कर दिया।
इस कार्यक्रम में डीएसपी जयभगवान हरियाणवी धोती-कुर्ता और सफेद पगड़ी पहनकर पहुंचे थे। बताया गया था कि उन्होंने शो की 8 हजार रुपये की सबसे महंगी टिकट खरीदी थी।
फिलहाल अस्पताल विवाद से जुड़े मामले में अदालत ने डीएसपी जयभगवान से जवाब मांगा है। पुलिस की ओर से पहले पेश की गई क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दिए जाने के बाद अब अदालत में आगे की सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।
Akhil Mahajan