आर्य समाज के कार्यक्रम में रिवॉल्वर लेकर पहुंचे मासूम शर्मा, बोले- पाखंड के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत
करनाल में आर्य समाज के कार्यक्रम में सिंगर मासूम शर्मा रिवॉल्वर के साथ पहुंचे। उन्होंने पाखंडवाद, सरकार और बाबाओं को लेकर अपने विचार रखे।
➤ आर्य समाज के कार्यक्रम में रिवॉल्वर के साथ मंच पर पहुंचे मासूम शर्मा
➤ पाखंड फैलाने वालों के खिलाफ बोले, सरकार पर भी लगाए गंभीर आरोप
➤ कर्मवीर फौजी और बेटी की गन जब्ती का मामला भी चर्चा में आया
करनाल में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा आर्य समाज के कार्यक्रम ‘पाखंड खंडन एवं जन चेतना सम्मेलन’ में रिवॉल्वर टांगकर पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान वह मंच पर भी रिवॉल्वर के साथ नजर आए। उन्होंने अपने संबोधन में समाज में पाखंड के खिलाफ जागरूकता फैलाने की जरूरत बताई और कहा कि पाखंड फैलाने वालों को जूत मारने चाहिए। मासूम शर्मा ने पाखंड को बढ़ावा देने के लिए सरकार को भी जिम्मेदार बताया और आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के चलते राजनीतिक लोग बाबाओं और ढोंगियों के दरबार में जाते हैं।
मासूम शर्मा ने कहा कि नेताओं को लगता है कि बाबाओं के पास बड़ी संख्या में वोट हैं और इसी सोच के कारण राजनीतिक लोग उनके दरबार में माथा टेकते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में पाखंडवाद के खिलाफ सामाजिक जागरूकता की बात कही और लोगों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
‘बाबाओं के दरबार में जाना बंद होगा तो दुकानें भी बंद होंगी’
मासूम शर्मा ने कहा कि उन्होंने पाखंडवाद के खिलाफ ‘फिल्मी बाबे’ और ‘तत्वदर्शी’ नाम से गाने बनाए हैं। उनके मुताबिक, इन गानों को मिली लोकप्रियता से यह पता चलता है कि जिन बाबाओं का प्रभाव बहुत ज्यादा माना जाता है, उनका प्रभाव उतना नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसी विधानसभा क्षेत्र में किसी बाबा के समर्थकों की दो-चार हजार वोट हो सकती हैं, लेकिन सनातन की रक्षा के लिए लाखों लोग खड़े हैं। मासूम शर्मा ने कहा कि अगर राजनीतिक लोगों का बाबाओं के दरबार में जाना बंद हो जाए तो उनकी दुकानें भी बंद हो जाएंगी। उन्होंने केवल आर्य समाज ही नहीं, बल्कि सभी सनातन संगठनों से एकजुट होकर काम करने की अपील की।
धमकियां मिलने का भी किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान मासूम शर्मा ने खुद और हरियाणवी कलाकार हेरी लाठर को लगातार धमकियां मिलने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी कई लोग उन्हें निशाना बना रहे हैं। मासूम ने आरोप लगाया कि पाखंडियों के समर्थकों की ओर से भी उन्हें परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने सोशल मीडिया स्टोरी में पाखंडवाद के पोस्टर फाड़ने की अपील की थी। इसके बाद कुछ लोगों ने पोस्टर फाड़ दिए। मासूम शर्मा के अनुसार, इसके बाद कुछ गरीब लोगों को कानूनी नोटिस भेजे गए और थाने में कार्रवाई की धमकी दी गई।
रामपाल से जोड़कर देखे जाने पर दी सफाई
मासूम शर्मा ने अपने गानों को रामपाल से जोड़कर देखे जाने को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके किसी गाने में रामपाल का नाम नहीं लिया गया है। उनके मुताबिक, उनके गाने किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि पाखंडवाद के खिलाफ हैं।
कार्यक्रम में हरियाणवी कलाकार हेरी लाठर भी पहुंचे। सम्मेलन के दौरान मासूम शर्मा ने बच्चों से भी मुलाकात की।
कर्मवीर फौजी की गन जब्त होने का मामला भी चर्चा में
इस बीच कर्मवीर फौजी और उनकी बेटी शीतल का मामला भी चर्चा में रहा। 14 सितंबर को सिंगर कर्मवीर फौजी और उनकी बेटी शीतल एक यूनिवर्सिटी में हुए कार्यक्रम में लाइसेंसी रिवॉल्वर टांगे नजर आए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों गन जब्त कर ली थीं।
‘पानी आली पानी प्यादे’ फेम सिंगर कर्मवीर फौजी अपनी बेटी के साथ NIILM यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान दोनों रिवॉल्वर टांगे नजर आए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों गन को जब्त कर लिया था।
मासूम के 20 से अधिक गाने हो चुके हैं बैन
मासूम शर्मा के गानों को लेकर भी पहले विवाद सामने आ चुके हैं। हरियाणा सरकार मासूम शर्मा के 20 से भी अधिक सॉन्ग बैन कर चुकी है। इन गानों के लिरिक्स को गन कल्चर को बढ़ावा देने वाला बताया गया था। डिलीट होने से पहले दो गानों पर 250-250 मिलियन व्यूज आ चुके थे।
आर्य समाज के कार्यक्रम में रिवॉल्वर के साथ पहुंचने और मंच पर भी उसके साथ नजर आने के बाद मासूम शर्मा का यह कार्यक्रम चर्चा में है। वहीं, उनके संबोधन में पाखंडवाद, राजनीतिक लोगों के बाबाओं के दरबार में जाने और उन्हें मिल रही कथित धमकियों का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया।
Akhil Mahajan