बेटी मनीषा को न्याय दिलाने के लिए पिता DC कार्यालय के सामने करेंगे आमरण अनशन, भिवानी महापंचायत में बड़ा फैसला, 29 जून से अनशन की चेतावनी
भिवानी की लेडी टीचर मनीषा की मौत मामले में पिता ने आमरण अनशन का ऐलान किया है। संघर्ष समिति ने सरकार को 21 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
➤ लेडी टीचर मनीषा की मौत मामले में पिता ने आमरण अनशन का ऐलान किया
➤ संघर्ष समिति ने सरकार को 21 दिन का अल्टीमेटम दिया
➤ मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है
भिवानी में लेडी टीचर मनीषा की मौत के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। रविवार को जिले के ढाणी लक्ष्मण गांव में आयोजित महापंचायत में मनीषा के पिता संजय ने न्याय की मांग को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला तो वह डीसी कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगे। साथ ही उन्होंने आम लोगों से इस लड़ाई में साथ देने की अपील भी की।
महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। पंचायत के दौरान वक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। लोगों ने कहा कि जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
मामले को लेकर गठित संघर्ष समिति ने भी सरकार को 21 दिन का अल्टीमेटम दिया है। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर परिवार को न्याय नहीं मिला तो 29 जून से डीसी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इस दौरान व्यापक जनआंदोलन भी चलाया जा सकता है।
मनीषा के पिता संजय के अनुसार उनकी बेटी 11 अगस्त 2025 को अपने प्ले स्कूल में ड्यूटी के लिए गई थी। इसके बाद उसने नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन संबंधी कार्य के लिए जाने की बात कही थी। घर से निकलने के बाद वह वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
दो दिन बाद 13 अगस्त 2025 को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला था। इस घटना के बाद परिवार ने इसे हत्या बताते हुए आरोप लगाए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
हालांकि, 18 अगस्त को पुलिस ने अपनी जांच में मामले को आत्महत्या बताया। पुलिस के इस निष्कर्ष के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
बढ़ते जनदबाव और लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी गई। वर्तमान में केंद्रीय एजेंसी इस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
Akhil Mahajan