भाई और पार्टनर निकले मनीषा मित्तल हत्याकांड के मास्टरमाइंड, करोड़ों की संपत्ति विवाद में रची गई साजिश

शिमला के मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस ने मृतका के भाई हिमांक मित्तल और कारोबारी साझेदार गोविंद को हत्या की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच में संपत्ति विवाद और वित्तीय लेन-देन सामने आए हैं।

भाई और पार्टनर निकले मनीषा मित्तल हत्याकांड के मास्टरमाइंड, करोड़ों की संपत्ति विवाद में रची गई साजिश

भाई हिमांक मित्तल और पार्टनर गोविंद हत्या की साजिश में गिरफ्तार

करोड़ों की संपत्ति और स्कूल प्रबंधन विवाद बना हत्या की वजह

शूटरों को 70 लाख रुपये और कार उपलब्ध कराने का आरोप


शिमला के चर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पहले हरियाणा से दो शूटरों की गिरफ्तारी के बाद अब मृतका के भाई हिमांक मित्तल और उसके कारोबारी साझेदार गोविंद पर हत्या की साजिश रचने के आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने गोविंद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हिमांक मित्तल को स्वास्थ्य कारणों के चलते रोहतक में हिरासत में रखा गया है।

स्कूल गेट के बाहर मनीषा मित्तल पर फायरिंग करते हुए दो शूटर।

पुलिस जांच के मुताबिक करोड़ों रुपये की संपत्ति और स्कूल प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के चलते हत्या की साजिश तैयार की गई। जांच एजेंसियों को मिले बैंक रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से पता चला है कि हिमांक मित्तल ने कथित तौर पर गोविंद के खाते में करीब 8 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे।

स्कूल गेट के बाहर मनीषा मित्तल का शव।

जांच में यह भी सामने आया है कि गोविंद ने कथित रूप से शूटरों को करीब 70 लाख रुपये और एक स्विफ्ट कार उपलब्ध कराई। हत्या की सुपारी दिए जाने के बाद गोविंद विदेश चला गया था। अब उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में वित्तीय लेन-देन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है।

गौरतलब है कि 13 जून को संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के बाहर मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद शिमला पुलिस ने महज 40 घंटे के भीतर हरियाणा के रोहतक और झज्जर से दो कथित शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और फर्जी नंबर प्लेट लगी कार भी बरामद की थी।

शिमला में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल और उसका भाई हिमांक मित्तल। - Dainik Bhaskar

एएसपी शिमला मेहर पंवर ने बताया कि मामले में हत्या की साजिश, आर्थिक लेन-देन और पूरी योजना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस के अनुसार गोविंद को 28 जून को शिमला लाया गया, जहां अदालत ने उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। वहीं हिमांक मित्तल को स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते फिलहाल रोहतक में हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही है।