दहेज केस की जांच पर सवाल, ASI और SI के खिलाफ जांच के आदेश

पंचकूला में दहेज प्रताड़ना मामले की सुनवाई के दौरान मंत्री कृष्णलाल पंवार ने महिला थाना की ASI और SI के खिलाफ जांच के आदेश दिए। चार दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।

दहेज केस की जांच पर सवाल, ASI और SI के खिलाफ जांच के आदेश

दहेज प्रताड़ना मामले में पंचकूला महिला थाना की ASI और SI के खिलाफ जांच के आदेश

मंत्री कृष्णलाल पंवार ने SHO की सफाई पर जताई नाराजगी, बोले- मुझे मत समझाओ

डीसीपी की निगरानी में चार दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

हरियाणा के पंचकूला में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में महिला थाना की ASI कविता और SI नेहा सिंधु के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। दोनों पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने दहेज प्रताड़ना के मामले में पीड़िता के ससुर का नाम केस में शामिल नहीं किया, जबकि पीड़िता की ओर से छह लाख रुपये लेने के साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए थे।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने सुनवाई के दौरान पाया कि शिकायत की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई। मंत्री ने कहा कि मामले का एक आरोपी स्वयं पुलिसकर्मी है, जो फिलहाल यमुनानगर CIA में तैनात है। इसके बाद उन्होंने डीसीपी सृष्टि गुप्ता की निगरानी में पूरे मामले की जांच कर चार दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

सुनवाई के दौरान जब महिला थाना प्रभारी राजेश कुमार ने मामले में अपना पक्ष रखने की कोशिश की तो मंत्री कृष्णलाल पंवार नाराज हो गए। उन्होंने कहा, "40 साल से विधायक और सांसद बनता आ रहा हूं, मुझे मत समझाओ। विधानसभा की हर कमेटी में रह चुका हूं। तुम्हारे डीए से ज्यादा ज्ञापन मेरे पास हैं।" मंत्री की इस टिप्पणी के बाद बैठक का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया।

PWD रेस्ट हाउस में आयोजित इस बैठक में कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा और पंचकूला विधायक चंद्रमोहन मौजूद रहे। हालांकि राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा और कार्तिकेय शर्मा बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं विधायक चंद्रमोहन निजी कार्य का हवाला देते हुए बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए।

बैठक शुरू होने से पहले मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कालका की तहसीलदार एवं ARO-2 से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से संबंधित जानकारी मांगी। अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठकों में आएं। उन्होंने निर्देश दिए कि इस संबंध में पूरी जानकारी डीसी को भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य की बैठकों में कोई कमी न रहे।