कुबेर का जलवा: पुष्कर मेले में लगी 21 करोड़ की बोली

फतेहाबाद के किसान विकास भांभू के मुर्रा नस्ल के झोटे कुबेर की पुष्कर मेले में कीमत 21 करोड़ रुपए लगी। युवराज की मौत के बाद कुबेर बना हरियाणा का नया गौरव।

कुबेर का जलवा: पुष्कर मेले में लगी 21 करोड़ की बोली
  • हरियाणा के फतेहाबाद के कुबेर झोटे की कीमत 21 करोड़ रुपए तक पहुंची

  • राजस्थान के पुष्कर मेले में जीता पहला पुरस्कार, हुआ विदेशी पर्यटकों का आकर्षण

  • मालिक विकास भांभू बोले—50 करोड़ भी मिलें तो कुबेर नहीं बेचेंगे


हरियाणा के कुरुक्षेत्र के मशहूर 9 करोड़ युवराज झोटे की मौत के बाद अब प्रदेश का नया गौरव बनकर उभरा है फतेहाबाद जिले के नाढ़ोड़ी गांव का कुबेर। मुर्रा नस्ल का यह झोटा राजस्थान के पुष्कर मेले में छा गया है। इसकी कीमत 21 करोड़ रुपए लगाई गई, लेकिन मालिक विकास भांभू ने साफ कहा कि “कुबेर बिकाऊ नहीं है, यह हमारी शान है।

किसान विकास भांभू 10 एकड़ में खेती करते हैं और साथ में पशुपालन से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वे कुबेर को लेकर पुष्कर मेले में पहुंचे, जहां आंध्र प्रदेश के व्यापारियों ने 21 करोड़ रुपए की बोली लगाई। इससे पहले पहले दिन ही इसकी कीमत 11 करोड़ तक पहुंच चुकी थी। विकास ने झोटा बेचने से इनकार कर दिया और कहा कि अब वह इसके सीमन (वीर्य) बेचकर आय अर्जित करेंगे।

पुष्कर मेले की पशु प्रतियोगिता में कुबेर ने पहला स्थान प्राप्त किया। अब राजस्थान सरकार के पशुपालन विभाग की ओर से कुबेर और उसके मालिक को सम्मानित किया जाएगा। मेले में कुबेर की लोकप्रियता इतनी थी कि विदेशी और देसी पर्यटक उसके साथ फोटो और वीडियो लेने के लिए कतार में खड़े दिखे।

सीमन बैंक में रखेंगे कुबेर, बढ़ेगा नस्ल सुधार
विकास भांभू ने बताया कि कुबेर झोटे को बेचने के बजाय वह उसका सीमन बैंक में रखेंगे, ताकि प्रदेश के पशुपालकों को उच्च गुणवत्ता वाला सीमन उपलब्ध कराया जा सके। इससे उनकी हर महीने लाखों की आमदनी होगी और आसपास के इलाकों में मुर्रा नस्ल का सुधार भी होगा।

बुकिंग की भरमार
21 करोड़ की कीमत लगने के बाद हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से किसान सीमन बुकिंग के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं। विकास जल्द ही हिसार स्थित राष्ट्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों से भी सहयोग लेंगे।

कुबेर की खासियतें
कुबेर की उम्र साढ़े तीन साल है। वह पूरी तरह शुद्ध मुर्रा नस्ल का झोटा है। इसकी ऊंचाई साढ़े पांच फुट, चमड़ी मुलायम और चिकनी है। इसकी मां 23.5 लीटर दूध देती है और उसे कई प्रतियोगिताओं में पुरस्कार मिल चुका है। कुबेर को रोजाना खल-बिनौला, चना और कभी-कभी दूध-घी खिलाया जाता है। विकास कहते हैं, “यह झोटा कमाई का जरिया नहीं, हमारी मेहनत की पहचान है।

डिप्टी डायरेक्टर बोले — गौरव की बात है
पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुखविंद्र सिंह ने कहा कि जिले के किसी झोटे की कीमत 21 करोड़ लगना गर्व की बात है। इसे अब राज्य स्तरीय पशुधन मेले में भी प्रदर्शित किया जाएगा।

युवराज की विरासत को आगे बढ़ाएगा कुबेर
महज़ 9 दिन पहले कुरुक्षेत्र के युवराज झोटे का निधन हुआ था, जिसकी कीमत 9 करोड़ रुपए थी और जो 29 बार राष्ट्रीय चैंपियन रह चुका था। अब कुबेर ने युवराज की जगह ली है और हरियाणा को एक बार फिर विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया है।