डॉक्टर पर गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पिता बोले- सोची समझी साजिश के तहत किया हमला
हरियाणा के कैथल में एमबीबीएस डॉक्टर प्रतीक पर गोली चलाने का मामला सामने आया। मुख्य आरोपी जितेंद्र गिरफ्तार। 50 लाख के लेन-देन को लेकर साजिश रची गई। डॉक्टर गंभीर हालत में PGI चंडीगढ़ रेफर। पुलिस जांच जारी।
➤ कैथल में एमबीबीएस डॉक्टर प्रतीक पर गोली चलाने का मामला, मुख्य आरोपी जितेंद्र गिरफ्तार
➤ डॉक्टर के पिता ने बताया – पूर्व में धमकियां मिलने के बाद रेकी कर साजिश रची गई
➤ गोली पेट में लगी, गंभीर हालत में चंडीगढ़ PGI रेफर, 50 लाख के लेन-देन से जुड़ा मामला
हरियाणा के कैथल जिले के सेक्टर 21 में एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें एक अप्रेंटिस एमबीबीएस डॉक्टर प्रतीक पर जानलेवा हमला किया गया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद मुख्य आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। डॉक्टर प्रतीक के पिता गुलाब सिंह ने खुलासा किया कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी।
गुलाब सिंह का कहना है कि पहले भी आरोपियों द्वारा उनके बेटे प्रतीक को धमकाया जा चुका था। रविवार को डॉक्टर प्रतीक पर हमला उस समय हुआ, जब आरोपी जितेंद्र के साथी पहले से वहां मौजूद थे और प्रतीक की लोकेशन की जानकारी देकर उसे निशाना बनाया। आरोपियों ने विशेष रूप से कम आवाजाही वाले स्थान पर वारदात को अंजाम दिया ताकि कोई गवाह या रिकॉर्डिंग पुलिस को न मिल सके।
इस दौरान डॉक्टर प्रतीक के पेट में गोली लग गई, लेकिन समय रहते वह अस्पताल पहुंच गए। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चंडीगढ़ PGI में रेफर कर दिया गया। डॉक्टर के पिता ने बताया कि उन्होंने आढ़ती जितेंद्र को रिटायरमेंट की राशि दी थी ताकि जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जा सके, लेकिन आरोपी ने मूल व ब्याज वसूलने की बजाय बेटे को ठिकाने लगाने की साजिश रची।
सीसीटीवी फुटेज में डॉक्टर प्रतीक के खून से लथपथ हालत में अस्पताल जाते हुए व एक व्यक्ति के पीछे दौड़ते हुए दिखाया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह फायरिंग 50 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर की गई। पुलिस ने इस मामले में आढ़ती समेत चार लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की FIR दर्ज की है और मामले की गहन जांच जारी है।
गुलाब सिंह प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं कि आरोपी जितेंद्र व अन्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मामले से जुड़े सभी सहयोगियों की पहचान की जाए। डॉक्टर प्रतीक का इलाज चल रहा है, पर उनकी स्वस्थ होने की स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।