जेल में बंद पूर्व जज परमार को लेकर चौंकाने वाले खुलासे! लग्‍जरी गाड़ियों का शौकीन, रिश्वत के पैसे से बनाई प्रॉपर्टी- चार्जशीट में रिकॉर्डिंग का भी जिक्र

जेल में बंद पूर्व जज परमार  को लेकर चौंकाने वाले खुलासे!  लग्‍जरी गाड़ियों का शौकीन,   रिश्वत के पैसे से बनाई  प्रॉपर्टी- चार्जशीट में  रिकॉर्डिंग का भी जिक्र
  • पूर्व जज सुधीर परमार के खिलाफ HVSCB ने चार्जशीट दाखिल, कई बड़े खुलासे

  • रिश्वत के पैसों से लग्जरी गाड़ियां और प्रॉपर्टी खरीदने के सबूत

  • चार्जशीट में ऑडियो रिकॉर्डिंग, ईडी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में


हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (HVSCB) ने सस्पेंड CBI-ED स्पेशल कोर्ट, पंचकूला के जज सुधीर परमार के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में ऐसे कई गंभीर खुलासे किए गए हैं, जो पूरे मामले को और जटिल बना देते हैं। दस्तावेज़ों के अनुसार, जज परमार की भूमिका शुरुआत से ही संदेहास्पद रही और उनके खिलाफ पेश किए गए तकनीकी सबूतों में महत्वपूर्ण ऑडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं।

चार्जशीट में बताया गया है कि संयुक्त सहयोग समझौते (IREO-M3M) के तहत मौजूद प्रॉपर्टियों को ईडी ने कभी भी कुर्क नहीं किया। यही नहीं, ईडी के कुछ अधिकारियों और इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर की भूमिका को भी जांच के दायरे में बताया गया है, जिससे मामले का दायरा और व्यापक हो गया है।

चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि जज परमार ने अवैध रूप से अर्जित की गई राशि से कई लग्जरी गाड़ियां खरीदीं। इन गाड़ियों के नाम और उनके विवरण का उल्लेख ईडी की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से किया गया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह पूरी नेटवर्किंग संगठित तरीके से की गई थी और रिश्वत की रकम का उपयोग न केवल गाड़ियां बल्कि विशेष प्रॉपर्टियां खरीदने में भी हुआ।

HVSCB ने कोर्ट में जो तथ्य रखे हैं, उससे यह साफ होता है कि जज परमार के खिलाफ मामला अब सिर्फ भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई स्तरों पर प्रभाव ख़रीदने, अवैध सौदेबाज़ी और सरकारी संस्थाओं को प्रभावित करने की कोशिशें भी शामिल हैं। जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।