16 साल की दुल्हन लेने पहुंचा 25 साल का युवक, पुलिस का छापा, शादी में डांस करते, खाना छोड़ भागे मेहमान, ₹4 लाख खर्च कि

जींद के उचाना में 16 साल की नाबालिग लड़की की शादी पुलिस ने मौके पर रोक दी। 25 साल का युवक बारात लेकर पहुंचा था, लेकिन कार्रवाई के बाद बिना दुल्हन लौटना पड़ा।

16 साल की दुल्हन लेने पहुंचा 25 साल का युवक, पुलिस का छापा, शादी में डांस करते, खाना छोड़ भागे मेहमान, ₹4 लाख खर्च कि

16 साल की नाबालिग से शादी करने पहुंचा 25 साल का युवक
पुलिस छापे से रुकी शादी, मेहमान खाना छोड़ भागे
परिवार ने माना गलती, 18 साल बाद ही शादी का वादा


हरियाणा के Jind जिले के उचाना इलाके में एक नाबालिग लड़की की शादी को लेकर बड़ा मामला सामने आया है, जहां 25 साल का युवक बैंडबाजे के साथ 16 साल की दुल्हन से शादी करने पहुंच गया। शादी समारोह पूरे शोर-शराबे और उत्साह के साथ चल रहा था। बाराती डांस कर रहे थे और दोनों पक्षों के मेहमानों के लिए खाने-पीने का इंतजाम भी किया गया था, लेकिन इसी दौरान पुलिस की एंट्री ने पूरे माहौल को बदल दिया।

शादी रुकवाने पहुंची पुलिस और दुर्गा शक्ति टीम।

मिली जानकारी के अनुसार, किसी व्यक्ति ने इस नाबालिग शादी की सूचना पुलिस को दे दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तुरंत कार्रवाई करते हुए शादी को रुकवा दिया। पुलिस को देखते ही जहां बैंडबाजा बंद हो गया, वहीं डांस कर रहे बाराती और खाना खा रहे मेहमान भी मौके से खिसकने लगे। पूरे समारोह में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

लड़की पक्ष ने शादी के लिए सजाया घर।

पुलिस जांच में सामने आया कि लड़की की उम्र मात्र 16 साल है, जो कि कानूनन शादी की उम्र से कम है। इसके बाद पुलिस ने लड़की और लड़के पक्ष के लोगों से पूछताछ की। परिवार ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में आश्वासन दिया कि वे लड़की की शादी 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद ही करेंगे

पुलिस के छापा मारने के बाद मेहमान इधर-उधर खिसक लिए।

इस कार्रवाई के बाद दूल्हा बिना दुल्हन के ही अपनी बारात लेकर लौट गया। वहीं लड़की पक्ष ने शादी की तैयारियों में करीब 4 लाख रुपए खर्च किए थे, जो अब बेकार चले गए। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि नाबालिग शादी कानूनन अपराध है और इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कानून का पालन करें और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं से दूर रहें। यह घटना एक बार फिर समाज में बाल विवाह की समस्या को उजागर करती है, जहां जागरूकता के बावजूद कुछ लोग अभी भी कानून और सामाजिक जिम्मेदारी को नजरअंदाज कर रहे हैं।