क्रॉस वोटिंग विवाद : 2 कांग्रेस विधायकों ने दी सफाई; अब राहुल-खड़गे की बैठक में तय होगा भविष्य
हरियाणा कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस वोटिंग पर 2 विधायकों ने जवाब दिया है, जबकि 3 का जवाब बाकी है। 30 मार्च को दिल्ली में होने वाली बैठक में राहुल गांधी और खड़गे बड़ा फैसला ले सकते हैं।
■ 2 विधायकों ने शोकॉज नोटिस का जवाब दिया
■ 3 MLA का जवाब अभी बाकी, पार्टी में बढ़ी हलचल
■ 30 मार्च की दिल्ली बैठक में बड़ा फैसला संभव
हरियाणा कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई कथित क्रॉस वोटिंग को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पार्टी हाईकमान की सख्ती के संकेतों के बीच अब तक 5 में से 2 विधायकों ने शोकॉज नोटिस का जवाब दे दिया है, जबकि 3 विधायकों की ओर से जवाब आना बाकी है। जवाब देने वाले विधायकों ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने क्रॉस वोटिंग नहीं की और वे पार्टी के सच्चे सिपाही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब अंतिम फैसला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व यानी Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge की मौजूदगी में हो सकता है। इसके लिए 30 मार्च को दिल्ली में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें प्रदेश के सभी सांसदों को भी शामिल होने के लिए कहा गया है।
यह हैं राज्यसभा सांसद
दरअसल, 16 मार्च को हुए हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 5 विधायकों पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध के बजाय भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। इसके बाद 19 और 20 मार्च को पार्टी की अनुशासन समिति ने 5 विधायकों को शोकॉज नोटिस जारी किया था। सूत्रों के मुताबिक, अब तक शैली चौधरी और जरनैल सिंह की ओर से जवाब आ चुका है, हालांकि पार्टी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जवाब में दोनों विधायकों ने दावा किया है कि उन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ कोई मतदान नहीं किया और वे पूरी तरह से कांग्रेस के प्रति समर्पित हैं। इसके बावजूद पार्टी के अंदरूनी हालात को देखते हुए मामला और उलझता जा रहा है। खासतौर पर गुटबाजी और बयानबाजी ने इस विवाद को और हवा दे दी है। कुछ विधायक खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ बयान दे चुके हैं, जिससे संगठन में अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान इस मामले में कड़ा संदेश देने के मूड में है। अप्रैल के पहले हफ्ते में चंडीगढ़ में अनुशासनात्मक समिति की बैठक होगी, जिसमें विधायकों के जवाबों पर विचार कर निलंबन या निष्कासन जैसे कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
इन्होंने की क्रास वोटिंग
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भी पुष्टि की है कि उन्हें दिल्ली बैठक का निमंत्रण मिला है। उन्होंने कहा कि यदि वे उपलब्ध रहे तो बैठक में शामिल होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बागी विधायकों का मामला पूरी तरह से अनुशासन समिति के अधिकार क्षेत्र में है और वही अंतिम रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद सिर्फ क्रॉस वोटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हरियाणा कांग्रेस के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान और गुटबाजी का भी खुला संकेत है। अब सबकी नजरें 30 मार्च की बैठक पर टिकी हैं, जहां इस पूरे प्रकरण पर अंतिम मुहर लग सकती है।
Akhil Mahajan