भिवानी के पूर्व सांसद जंगबीर सिंह का निधन :मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस, 85 वर्ष की उम्र में निधन
भिवानी के पूर्व सांसद और पूर्व सैनिक चौधरी जंगबीर सिंह का 85 वर्ष की उम्र में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वे 1962 और 1965 के युद्ध के सैनिक रहे और 1991 में भिवानी से सांसद चुने गए थे।
■भिवानी के पूर्व सांसद जंगबीर सिंह का निधन
■मेदांता अस्पताल गुरुग्राम में ली अंतिम सांस
■चीन और पाकिस्तान युद्ध के रहे थे वीर सैनिक
भिवानी के पूर्व सांसद चौधरी जंगबीर सिंह का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। परिवार के अनुसार अक्टूबर महीने से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और उनके बेटे कमल प्रधान और हरिकेश उनकी देखभाल कर रहे थे। उनके निधन से भिवानी और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है। उनका जीवन संघर्ष, सेवा और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।
चौधरी जंगबीर सिंह का जन्म 1 मार्च 1941 को तोशाम क्षेत्र के खरकड़ी (माखवान) गांव में हुआ था। उन्होंने एमए और एलएलबी तक शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद भारतीय सेना में भर्ती हो गए। सेना में रहते हुए उन्होंने 1962 के चीन युद्ध और 1965 के पाकिस्तान युद्ध में भाग लिया और अग्रिम पंक्ति में रहकर देश की सेवा की। लगभग 7 वर्षों तक सेना में सेवाएं देने के बाद उन्होंने सेवानिवृत्ति लेकर जनसेवा का रास्ता चुना और राजनीति में सक्रिय हो गए।
राजनीतिक जीवन में उन्होंने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के खिलाफ 1967 और 1968 में तोशाम विधानसभा से चुनाव लड़ा और दोनों बार बहुत कम अंतर से हार गए। उनकी लोकप्रियता का परिणाम था कि वर्ष 1991 में वे भिवानी से सांसद चुने गए और संसद में क्षेत्र की आवाज बुलंद की। आपातकाल के दौरान उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और 1975 से 1977 तक लगभग 19 माह 10 दिन हिसार जेल में रहे। हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना था।
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