होर्मुज पर ईरान ने US को दिखाई आंख, सीजफायर के लिए दी 10 बड़ी डिमांड , ट्रंप राजी?
ईरान ने अमेरिकी सीजफायर प्रस्ताव ठुकराकर 10 सूत्रीय शांति योजना पेश की। ट्रंप की चेतावनी के बीच दोनों देशों के बीच तनाव और गहराता दिख रहा है।
➤ ईरान ने अमेरिकी सीजफायर प्रस्ताव ठुकराया
➤ 10 सूत्रीय शांति योजना पेश कर स्थायी समाधान की मांग
➤ डोनाल्ड ट्रंप ने दी सख्त सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
ईरान ने सोमवार को सीजफायर प्रस्ताव को औपचारिक रूप से खारिज करते हुए युद्ध समाप्त करने के लिए 10 सूत्रीय योजना पेश की है। इस योजना में अस्थायी युद्धविराम के बजाय संघर्ष के स्थायी अंत पर जोर दिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युद्धविराम प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन यह मौजूदा संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
न्यूज एजेंसी IRNA के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के 15 बिंदुओं वाले शांति प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह जमीनी हकीकत से जुड़ा नहीं है। इसके जवाब में ईरान ने अपना विस्तृत 10 बिंदुओं का दस्तावेज़ पेश किया है।
ईरान की इस योजना में क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करने, युद्ध का स्थायी अंत करने, और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने जैसे अहम बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा, ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि के तहत यूरेनियम संवर्धन के अधिकार की औपचारिक मान्यता की मांग की है।
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका और अन्य देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाएं और लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर इजरायली हमले बंद किए जाएं।
इसके बदले में ईरान ने प्रस्ताव रखा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी नाकाबंदी हटाने को तैयार है। हालांकि, इसके तहत हर जहाज से गुजरने पर 20 लाख डॉलर का टैक्स लिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह राशि ओमान के साथ साझा की जाएगी और इसका उपयोग युद्ध में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में किया जाएगा।
ईरान ने यह प्रस्ताव ऐसे समय में दिया है जब उसके पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में हालात बदले हैं और अमेरिका का एक हेलीकॉप्टर ऑपरेशन असफल रहा है। इसी दौरान ट्रंप प्रशासन ने पहले तय समय सीमा को बढ़ा दिया है और अपने रुख में कुछ बदलाव भी किया है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा था, जिसे ईरान ने “बढ़ा-चढ़ाकर तैयार किया गया” बताते हुए खारिज कर दिया।
ईरान ने शांति के लिए अपनी शर्तों में अमेरिका और इजरायल के हमले रोकना, भविष्य में हमलों को रोकने की गारंटी, युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई, और पश्चिम एशिया में सभी मोर्चों पर संघर्ष समाप्त करना शामिल किया है। साथ ही, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता की मान्यता की भी मांग की है।
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरानी बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बना सकती है।
ट्रंप ने पहले भी कहा था कि यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा, जिससे देश की बुनियादी संरचना गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।
Akhil Mahajan