4 दिन में 1200+ फ्लाइट्स रद्द: देशभर में हाहाकार, किराए आसमान छू रहे, जानें इंडिगो से कहां हो गई चूक?

इंडिगो की 1200 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द होने से देशभर में अफरा-तफरी मची। DGCA बैकफुट पर आया और वीकली रेस्ट नियम वापस लिया। एयरपोर्ट्स पर मारपीट, किराया दोगुना।

4 दिन में 1200+ फ्लाइट्स रद्द: देशभर में हाहाकार, किराए आसमान छू रहे, जानें इंडिगो से कहां हो गई चूक?

➤4 दिन में 1200+ फ्लाइट रद्द
➤इंडिगो क्रू क्राइसिस से देशभर में हंगामा
➤सरकार दबाव में आई, DGCA ने वीकली रेस्ट नियम वापस लिया


 
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले चार दिनों से भारी संकट से गुजर रही है। क्रू की कमी और नए FDTL नियमों से पैदा हुए विवाद के कारण 1200 से अधिक उड़ानें रद्द हो गईं। हजारों यात्री देशभर के एयरपोर्ट्स पर फंसे हैं। कई जगहों पर यात्रियों और स्टाफ के बीच बहस और धक्का-मुक्की के हालात बने। यात्रियों को 24-24 घंटे तक एयरपोर्ट पर बैठना पड़ा।

दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही, जहां आज 225 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इंडिगो ने आज रात 12 बजे तक की सभी घरेलू उड़ानें कैंसिल कर दी हैं। टर्मिनल पर हजारों बैग और सूटकेस पड़े रहे। कई यात्रियों को अपने बच्चों और बुजुर्गों के साथ फर्श पर रात बितानी पड़ी

दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री सुरक्षाबल के साथ धक्का-मुक्की करते देखे गए।

इधर, फ्लाइट कैंसिलेशन का असर तुरंत किराये पर देखने को मिला। दूसरी एयरलाइंस ने किराया दोगुना तक बढ़ा दिया। बुकिंग प्लेटफॉर्म MakeMyTrip पर दिल्ली-बेंगलुरु की सबसे सस्ती टिकट 40 हजार रुपए से ऊपर दिखी, जबकि कुछ उड़ानों का किराया 80 हजार रुपए तक पहुंच गया। यात्री इसे शोषण बता रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के रायपुर एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों सुरक्षाकर्मी और इंडिगो के कर्मचारियों से भिड़ गए।

केंद्र सरकार बैकफुट पर आ गई है और DGCA ने वीकली 48 घंटे आराम वाले नियम को 10 फरवरी 2026 तक के लिए वापस ले लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने एयरलाइंस को निर्देश दिया कि किराये में वृद्धि न करें, और यात्रियों को होटल, खाना, ट्रांसपोर्ट उपलब्ध करवाएं।

दिल्ली: IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल पर गुरुवार को हजारों सूटकेस पड़े देखे गए। यात्री 12 घंटे से ज्यादा समय तक अपना सामान पाने के लिए संघर्ष करते रहे।

DGCA के अनुसार, FDTL नियमों में बदलाव के बाद पायलटों और क्रू को ज्यादा आराम की जरूरत पड़ी, जिस कारण इंडिगो में स्टाफ की अचानक कमी हो गई। नवंबर में 1232 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें से 755 उड़ानें इन्हीं नियमों के कारण रद्द करनी पड़ीं।

यात्रियों ने एयरपोर्ट्स पर रोष जाहिर करते हुए कहा कि एयरलाइंस कोई साफ जानकारी नहीं दे रहीं। गोवा, रायपुर, पुणे, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु सहित प्रमुख एयरपोर्ट्स पर अस्त-व्यस्त माहौल देखा गया। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सुविधाओं के लिए संघर्ष करते दिखे।

इंडिगो ने कहा है कि अगले तीन दिनों में उड़ान संचालन सामान्य हो जाएगा। DGCA ने कंपनी से क्रू भर्ती, ट्रेनिंग, रोस्टर रीस्ट्रक्चरिंग और हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट देने को कहा है।

इंडिगो संकट: मुख्य बिंदु और कारण

1. इंडिगो का विशाल आकार

  • भारतीय एविएशन की रीढ़: इंडिगो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है, जिसके पास 434 विमानों का बेड़ा है और 920+ नए विमानों का ऑर्डर है।

  • परिचालन: यह प्रतिदिन 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित करती है और 3.2 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा देती है।

  • राजस्व: वित्त वर्ष 2025 के लिए राजस्व लगभग ₹80,803 करोड़ रहा।

2. संकट की तीव्रता और समयरेखा (OTP में गिरावट)

संकट का मुख्य संकेत इंडिगो के ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में बेतहाशा गिरावट है:

  • वित्त वर्ष 2025 OTP: $73.8\%$

  • 1 दिसंबर: $50\%$

  • 2 दिसंबर: $35\%$

  • 3 दिसंबर: $19.7\%$

  • 4 दिसंबर: ऐतिहासिक निचला स्तर $8.5\%$ (सिस्टम चरमराया)।

3. संकट का मुख्य कारण: नए FDTL नियम और स्टाफ की कमी

संकट के लिए निम्नलिखित कारण बताए गए हैं:

  • FDTL नियम चरण II: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा पायलटों की थकान कम करने के लिए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के दूसरे चरण का लागू होना।

  • 'रेड आई' उड़ानों पर प्रतिबंध: देर रात की उड़ानों (रात 12 बजे से सुबह 6 बजे) के लिए 'नाइट लैंडिंग' की सीमा छह से घटाकर दो कर दी गई।

  • पायलटों की कमी: एक ही काम के लिए अधिक पायलटों की आवश्यकता हुई, जिससे क्रू की गंभीर कमी उजागर हुई।

  • कुप्रबंधन का आरोप: पायलट संगठनों (एफआईपी, एएलपीए) ने तैयारी के लिए दो साल मिलने के बावजूद समय पर भर्ती न करने और 'हायरिंग फ्रीज' लगाने का आरोप लगाया।

4. इंडिगो पर सबसे ज्यादा असर क्यों?

अन्य एयरलाइनों की तुलना में इंडिगो पर अधिक प्रभाव के तीन कारण:

  1. लो-कॉस्ट मॉडल और हाई यूटिलाइजेशन: मुनाफा कमाने के लिए विमानों और क्रू का अधिकतम उपयोग (High Utilization) करना।

  2. अधिक 'नाइट फ्लाइट्स': इंडिगो अन्य एयरलाइनों की तुलना में अधिक वॉल्यूम की रात की उड़ानें संचालित करता है, जिस पर नए प्रतिबंधों का सीधा असर पड़ा।

  3. लीन स्टाफिंग सिस्टम: कम से कम स्टाफ के साथ काम करने का मॉडल, जिससे छोटी सी कमी भी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द (लगभग 230) करा सकती है।

5. DGCA का यू-टर्न और वर्तमान स्थिति

  • नियम वापसी: डीजीसीए ने एयरलाइनों की परिचालन स्थिरता की मांग को देखते हुए चालक दल के सदस्यों के लिए साप्ताहिक विश्राम से जुड़े अपने हालिया सख्त निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।

  • माफी और रिफंड: इंडिगो ने यात्रियों से सार्वजनिक माफी मांगी है और टिकट कैंसिल करने पर रिफंड देने का दावा किया है।

  • हवाई अड्डों पर स्थिति: शुक्रवार (5 दिसंबर) को भी हवाई अड्डों पर स्थिति खराब रही, दिल्ली हवाई अड्डे से कई प्रस्थान उड़ानें रद्द रहीं।

6. आगे क्या?

  • राहत: डीजीसीए द्वारा साप्ताहिक विश्राम नियमों को वापस लेने से एयरलाइन को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

  • पटरी पर लौटने में समय: पूरी व्यवस्था को पटरी पर लौटने में अभी थोड़ा समय लग सकता है।

  • यात्रियों के लिए सलाह: हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।