हिसार में नर्सिंग छात्राओं का धरना, पुलिस ने खदेड़ा, लाठीचार्ज! .... लगेआरोप

हिसार के नारनौंद में नर्सिंग कॉलेज विवाद को लेकर धरने पर बैठी छात्राओं को पुलिस ने हटा दिया। छात्राओं ने मारपीट और लाठीचार्ज के आरोप लगाए। महिला आयोग और सरकारी जांच रिपोर्टों में अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

  • हिसार के नारनौंद में नर्सिंग छात्राओं को पुलिस ने धरने से हटाया
  • छात्राओं ने लाठीचार्ज, मारपीट और खदेड़े जाने का लगाया आरोप
  • कॉलेज विवाद में सरकार और महिला आयोग की रिपोर्टें आमने-सामने


हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद में नर्सिंग कॉलेज से जुड़े विवाद ने सोमवार सुबह गंभीर रूप ले लिया। बीते शुक्रवार से कॉलेज के बाहर धरने पर बैठी नर्सिंग छात्राओं और पुलिस के बीच टकराव हो गया। पुलिस ने धरनास्थल से छात्राओं को हटा दिया, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।

छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज केस में पुलिस ने सही धाराएं नहीं लगाईं, जिससे मामले की गंभीरता कम हो गई। सोमवार सुबह वे अपनी मांगों को लेकर एकत्रित हुई थीं, इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की। इससे अफरातफरी मच गई और कई छात्राओं को अपना सामान छोड़कर भागना पड़ा।

छात्राओं का कहना है कि पुलिसकर्मी उनके पीछे दौड़ते रहे, जिससे भय का माहौल बन गया। उन्होंने पुलिस पर धक्का-मुक्की और मारपीट के भी आरोप लगाए हैं। छात्राओं का दावा है कि इस घटना के बाद उन्हें कॉलेज प्रबंधन से ज्यादा पुलिस प्रशासन से डर लगने लगा है।

इस पूरे मामले में सरकार और हरियाणा राज्य महिला आयोग की जांच रिपोर्टें एक-दूसरे से अलग दावे कर रही हैं। महिला आयोग की रिपोर्ट में कॉलेज प्रबंधन पर छात्राओं से छेड़छाड़, बिना अनुमति कमरों में घुसने और बाथरूम के दरवाजों में कुंडी न होने जैसे गंभीर आरोपों को सही बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चेयरपर्सन ने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति की जांच की और छात्राओं के आरोपों को सही पाया।

वहीं, मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित चार सदस्यीय सरकारी जांच कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉलेज में यौन उत्पीड़न के आरोपों के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार धरने में शामिल छात्राएं एक ही समूह की हैं और हॉस्टल की आधे से अधिक छात्राएं इस आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं।

स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की छात्राओं से बातचीत असफल रहने के बाद सरकार इस मामले के समाधान के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की तैयारी में है, जो पूरे प्रकरण की निगरानी करेगा और सरकार को रिपोर्ट देगा।

कागसर स्थित खुशी नर्सिंग कॉलेज के संचालक जगदीश गोस्वामी ने कहा है कि वे जांच पूरी होने तक इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि प्रशासनिक जांच में स्थिति साफ हो जाएगी।