➤ एडीजे कोर्ट में तैनात नायब कोर्ट ₹1 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया
➤ रोहतक विजिलेंस रेंज की झज्जर ACB टीम ने सिटी थाना के पास ट्रैप लगाया
➤ ₹500 के नोटों की दो गड्डियां मौके से बरामद
हिसार जिले के जिला न्यायालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब रोहतक रेंज विजिलेंस के अधीन झज्जर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एडीजे कोर्ट में तैनात एक नायब कोर्ट को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई निरीक्षक फतेह सिंह के नेतृत्व में की गई, जिसे विजिलेंस की एक बड़ी और सटीक सफलता माना जा रहा है। आरोपी की पहचान मुख्य सिपाही सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो हिसार जिला कोर्ट में एडीजे कोर्ट के साथ नायब कोर्ट के पद पर तैनात था। विजिलेंस को उसके खिलाफ लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि वह एक लड़ाई-झगड़े से जुड़े केस में राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया।
पटवार भवन के पास बिछाया गया ट्रैप, ₹500 के नोटों की दो गड्डियां बरामद
जानकारी के अनुसार, एसीबी टीम ने सिटी थाना हिसार के पास स्थित पटवार भवन के नजदीक आरोपी को पैसे लेते हुए दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से ₹500-₹500 के नोटों की दो गड्डियां, कुल ₹1,00,000 नकद बरामद किए गए। नोटों की गिनती और सत्यापन मौके पर ही किया गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि आरोपी ने इससे पहले भी किन-किन मामलों में अवैध वसूली की और इसमें कोई अन्य कर्मचारी या वकील संलिप्त तो नहीं है।
न्यायिक व्यवस्था की साख पर सवाल, लेकिन कार्रवाई से साफ संदेश
जिला कोर्ट जैसे संवेदनशील और न्याय से जुड़े संस्थान में रिश्वतखोरी की यह घटना न्यायिक व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, विजिलेंस की इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर प्रशासन सख्ती से काम कर रहा है। ACB अधिकारियों के अनुसार, मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आरोपी को रिमांड पर भी लिया जा सकता है।