हिसार कोर्ट में गैंगस्टर काना की दिनदहाड़े हत्या, 14 फायर से दहला परिसर
हिसार कोर्ट परिसर में पेशी के लिए पहुंचे गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात में 14 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
➤ पेशी के लिए कोर्ट पहुंचा था गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना, बाइक सवार बदमाशों ने बरसाईं गोलियां
➤ 12 फायर सीधे काना पर, 2 हवाई फायर; एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगने की सूचना
➤ काना पर 31 आपराधिक केस दर्ज, विधायक सावित्री जिंदल के पीए के भतीजे संजय उर्फ बिट्टू की हत्या भी शामिल
हिसार कोर्ट परिसर में गैंगवार की वारदात ने गुरुवार दोपहर पूरे इलाके को दहला दिया। पेशी के लिए कोर्ट पहुंचे गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना की बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के दौरान कुल 14 राउंड फायरिंग होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 12 फायर काना पर किए गए, जबकि 2 हवाई फायर किए गए। फायरिंग में काना के अलावा एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगने की सूचना है।
जानकारी के मुताबिक गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचा था। जैसे ही उसने कोर्ट गेट में एंट्री ली, उसी दौरान बाइक पर सवार दो बदमाशों ने अचानक उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
वारदात के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया। कोर्ट परिसर के बाहर सड़क पर खून के निशान भी मिले। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई थी, जिसे पुलिस ने हटाया। फोरेंसिक विभाग की टीम ने घटनास्थल से ब्लड के सैंपल भी कलेक्ट किए।
पेशी के लिए आया था गैंगस्टर
पुलिस के मुताबिक विनोद पानू उर्फ काना हिसार का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर था और वह कोर्ट में एक पेशी के सिलसिले में आया था। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया।
हिसार के एएसपी मयंक मुदगिल ने बताया कि फायरिंग करने वाले एक आरोपी को पकड़ लिया गया है। हालांकि, अभी आरोपी की पहचान उजागर नहीं की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
काना पर दर्ज थे 31 आपराधिक केस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना के खिलाफ 31 क्रिमिनल केस दर्ज थे। इनमें विधायक सावित्री जिंदल के पीए ललित शर्मा के भतीजे संजय उर्फ बिट्टू की हत्या का मामला भी शामिल था।
पुलिस के अनुसार दिल्ली-एनसीआर सहित कई क्षेत्रों में विनोद पानू उर्फ काना का आतंक था। वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा था और पुलिस के रिकॉर्ड में उसका नाम एक कुख्यात गैंगस्टर के तौर पर सामने आता रहा है।
बार प्रधान ने बताया पुलिस का टोटल फेलियर
घटना के बाद हिसार बार प्रधान प्रदीप बाजिया ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े हुई फायरिंग पुलिस प्रशासन का टोटल फेलियर है।
बार प्रधान के मुताबिक कोर्ट ऐसी जगह है, जहां पुलिस प्रशासन टाइट सिक्योरिटी का दावा करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस को पहले से पता था कि गैंगवार में आज तारीख थी और दूसरा गैंग भी आने की आशंका थी, तो सुरक्षा व्यवस्था क्या कर रही थी।
उन्होंने कहा कि जगह-जगह गैंगवार की घटनाएं होने लगी हैं। इससे पहले दादरी में घटना हुई और अब हिसार कोर्ट में दिनदहाड़े फायरिंग हुई है।
2017 में झज्जर से पकड़ा गया था काना
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक विनोद पानू उर्फ काना को साल 2017 में सीआईए टीम ने झज्जर के भडावास क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उस समय उसके साथ सात अन्य साथी भी गिरफ्तार किए गए थे। इनमें मकोका से फरार और मोस्टवांटेड पैरोल जंपर अपराधी धीरपाल निवासी रेढूवास भी शामिल था।
उस समय विनोद काना पर सात लाख रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने जब उसे और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था, तब वे फॉर्च्यूनर, इकोस्पोर्ट और आई-20 गाड़ियों में सवार थे।
पुलिस ने उस समय खुलासा किया था कि ये बदमाश मंजीत गैंग के प्रदीप सोलंकी की हत्या की फिराक में थे।
गिरफ्तारी के दौरान हथियारों का जखीरा बरामद
2017 में गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने विनोद काना और उसके साथियों के कब्जे से बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस बरामद किए थे। इनमें दो रिवाल्वर, एक कार्बाइन, दो 12 बोर की बंदूक और तीन पिस्टल शामिल थीं।
इसके अलावा पुलिस ने सात कारतूस रिवाल्वर के, सात कारतूस कार्बाइन के, 27 कारतूस बंदूकों के और 21 कारतूस पिस्टल के बरामद किए थे।
अब हिसार कोर्ट परिसर में हुई इस हत्या के बाद पुलिस के सामने हमलावरों की पूरी साजिश और वारदात के पीछे की वजह का पता लगाने की चुनौती है। एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। वहीं, दूसरे आरोपी और पूरी वारदात में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
Akhil Mahajan