इंटरनेट पर वादियां देखीं और दिमाग में चढ़ा 'दार्जिलिंग का भूत': फोन बंद, बिरयानी दावत और 3 छात्राएं कॉलेज से सीधे लापता!

फरीदाबाद की बीएससी अंतिम वर्ष की तीन छात्राएं इंटरनेट पर दार्जिलिंग की वीडियो देखकर परिवार को बिना बताए घूमने निकल गईं। मोबाइल बंद होने के बाद पुलिस ने आखिरी कॉल के एक नंबर से सुराग पाया और न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से तीनों को सुरक्षित खोज निकाला।

इंटरनेट पर वादियां देखीं और दिमाग में चढ़ा 'दार्जिलिंग का भूत': फोन बंद, बिरयानी दावत और 3 छात्राएं कॉलेज से सीधे लापता!

फरीदाबाद की तीन बीएससी छात्राएं परिवार को बिना बताए दार्जिलिंग घूमने निकलीं
मोबाइल बंद होने से पुलिस को नहीं मिला सुराग, आखिरी कॉल के नंबर से खुला राज
न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर मिलीं तीनों, पुलिस ने परिजनों को सुरक्षित सौंपा


फरीदाबाद में एक डिग्री कॉलेज की बीएससी अंतिम वर्ष की तीन छात्राएं अचानक लापता हो गईं। तीनों कॉलेज से निकलने के बाद घर नहीं पहुंचीं और उनके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। परिवारों की चिंता बढ़ी तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। मामला तीन छात्राओं के एक साथ गायब होने का था, इसलिए पुलिस ने तुरंत उनकी तलाश शुरू कर दी। मोबाइल की आखिरी लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाली गई, लेकिन शुरुआत में कोई खास सुराग नहीं मिला। इसके बाद छात्राओं में से एक के मोबाइल से मोबाइल बंद होने से ठीक पहले हुई बातचीत में एक युवक का नंबर पुलिस के हाथ लगा। इसी एक नंबर ने पूरी कहानी की दिशा बदल दी।

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पुलिस ने युवक से संपर्क किया तो उसने बताया कि तीनों छात्राएं दार्जिलिंग घूमने गई हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम दार्जिलिंग के लिए रवाना हुई, लेकिन वहां तीनों छात्राएं नहीं मिलीं। पुलिस ने दोबारा उनके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो लोकेशन न्यू जलपाईगुड़ी में मिली। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और तीनों छात्राएं रेलवे स्टेशन पर मिल गईं। पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि इंटरनेट पर दार्जिलिंग की खूबसूरत तस्वीरें और ट्रैवल वीडियो देखकर उनके मन में वहां घूमने का विचार आया था। उन्होंने परिवार को बताए बिना यात्रा की योजना बनाई, कैश जोड़ा, मोबाइल बंद किए और अलग-अलग साधनों से सफर करते हुए न्यू जलपाईगुड़ी पहुंच गईं।

इंटरनेट पर दार्जिलिंग की खूबसूरती देख बनाया घूमने का प्लान

पुलिस के मुताबिक, तीनों छात्राओं की उम्र 22 से 23 साल के बीच है। तीनों मेहता दयानंद कॉलेज में बीएससी अंतिम वर्ष में पढ़ती हैं। इनमें एक छात्रा पलवल, दूसरी एसजीएम नगर और तीसरी पर्वतिया कॉलोनी की रहने वाली है।

तीनों को ट्रैवल से जुड़ी वीडियो देखने का शौक है। इसी दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल के टूरिस्ट प्लेस दार्जिलिंग की खूबसूरती से जुड़ी वीडियो देखीं। दार्जिलिंग उन्हें इतना पसंद आया कि तीनों ने वहां घूमने का प्लान बना लिया। खास बात यह रही कि उन्होंने यह योजना अपने परिवारों को बताए बिना बनाई।

यात्रा के लिए तीनों ने पहले से कैश भी जोड़ना शुरू कर दिया था। यानी दार्जिलिंग जाने का फैसला अचानक घर से निकलने के समय नहीं हुआ था, बल्कि इसके लिए उन्होंने पहले से तैयारी की थी।

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14 अगस्त को कॉलेज से निकलीं, नमस्ते चौक पर खाई बिरयानी

तीनों छात्राओं ने घूमने के लिए 14 अगस्त का दिन चुना। उस दिन दोपहर में कॉलेज से निकलने के बाद तीनों एक साथ नमस्ते चौक पहुंचीं। वहां उन्होंने बिरयानी खाई। इसके बाद तीनों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए।

मोबाइल बंद करने से पहले उन्होंने यह भी पता कर लिया था कि दार्जिलिंग जाने के लिए कहां से ट्रेन और बस पकड़ी जा सकती है। इसके बाद तीनों छात्राएं अपने सफर पर निकल पड़ीं।

इसी दौरान दूसरी तरफ परिवारों को यह पता नहीं था कि तीनों ने दार्जिलिंग जाने की योजना बनाई है। घर नहीं पहुंचने और मोबाइल बंद मिलने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ती चली गई।

फरीदाबाद से मेट्रो लेकर नई दिल्ली पहुंचीं

नमस्ते चौक से निकलने के बाद तीनों छात्राएं फरीदाबाद से मेट्रो के जरिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वहां पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि दार्जिलिंग के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सीधी ट्रेन नहीं है।

इसके बाद तीनों ने ऑटो लिया और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वहां से उन्होंने डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस पकड़ी और दार्जिलिंग की ओर रवाना हो गईं।

इस तरह तीनों ने परिवार को बिना बताए अपने सफर का अगला चरण शुरू कर दिया। लेकिन यात्रा के दौरान उनका रास्ता सीधे दार्जिलिंग तक नहीं गया।

दानापुर उतरकर वाराणसी पहुंचीं, गंगा घाट पर किया स्नान

यात्रा के दौरान तीनों छात्राएं रात के समय दानापुर रेलवे स्टेशन पर उतर गईं। इसके बाद उन्होंने ऑटो से वाराणसी का रुख किया।

वाराणसी पहुंचने के बाद तीनों गंगा घाट गईं और वहां स्नान किया। इसके बाद 15 अगस्त की सुबह उन्होंने दानापुर से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए ट्रेन पकड़ी। वहां से उनका अगला लक्ष्य दार्जिलिंग पहुंचना था।

लेकिन दूसरी तरफ फरीदाबाद में उनके परिवार उनकी तलाश में परेशान थे और पुलिस उनकी लोकेशन पता करने में जुटी थी।

14 अगस्त की रात तक घर नहीं पहुंचीं तो परिवार में मचा हड़कंप

14 अगस्त की रात तक जब तीनों छात्राएं घर नहीं पहुंचीं तो परिजनों ने अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू कर दी। एसजीएम नगर निवासी छात्रा के पिता ने उसके दोस्तों से फोन पर जानकारी ली। कॉलेज में भी छात्राओं के बारे में पता किया गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

इसके बाद परिजनों ने पुलिस को तीनों छात्राओं के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने तुरंत छात्राओं के मोबाइल नंबरों की आखिरी कॉल और लोकेशन की जांच शुरू कर दी।

शुरुआत में मोबाइल फोन बंद होने के कारण पुलिस को उनकी सही लोकेशन पता करने में मुश्किल हुई। इसके बावजूद जांच में कॉल डिटेल से एक ऐसा नंबर सामने आया, जो पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया।

आखिरी कॉल से मिला एक नंबर, इसी से खुला पूरा राज

पुलिस की जांच के दौरान पूजा के मोबाइल नंबर से हुई आखिरी बातचीत में एक युवक का नंबर मिला। मोबाइल बंद होने से पहले हुई इस बातचीत को पुलिस ने महत्वपूर्ण माना और युवक से संपर्क किया।

पुलिस ने जब उस नंबर पर कॉल किया तो युवक ने बताया कि तीनों छात्राएं दार्जिलिंग घूमने की बात कहकर निकली हैं। यह जानकारी पुलिस के लिए पहला बड़ा सुराग बनी।

इससे पुलिस को पता चला कि तीनों किसी अनहोनी का शिकार नहीं हुई थीं, बल्कि अपनी मर्जी से घूमने के लिए निकली थीं। इसके बाद पुलिस ने उनकी संभावित लोकेशन पर फोकस करते हुए तलाश तेज कर दी।

पुलिस टीम दार्जिलिंग पहुंची, लेकिन वहां नहीं मिलीं छात्राएं

युवक से मिली जानकारी के बाद पुलिस की एक टीम तुरंत दार्जिलिंग के लिए रवाना की गई। पुलिस को उम्मीद थी कि तीनों छात्राएं वहां मिल जाएंगी। लेकिन दार्जिलिंग पहुंचने के बाद भी तीनों का पता नहीं चला।

इसके बाद पुलिस ने दोबारा छात्राओं के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। इस बार लोकेशन न्यू जलपाईगुड़ी में मिली।

पुलिस टीम ने बिना देर किए न्यू जलपाईगुड़ी का रुख किया। तलाश के दौरान तीनों छात्राएं रेलवे स्टेशन पर मिल गईं।

न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर मिलीं तीनों छात्राएं

पुलिस के अनुसार तीनों छात्राएं बिना टिकट यात्रा करते हुए न्यू जलपाईगुड़ी तक पहुंची थीं। वहां उनके मिलने के बाद पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली।

15 अगस्त को पुलिस से जानकारी मिलने के बाद तीनों छात्राओं के परिजन गाड़ियों से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए रवाना हो गए थे। 16 अगस्त की सुबह परिजनों को तीनों छात्राएं न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर मिल गईं।

पूछताछ में छात्राओं ने पुलिस को अपने पूरे सफर के बारे में बताया। उन्होंने इंटरनेट पर दार्जिलिंग की वीडियो देखने से शुरू हुई योजना, परिवार को बिना बताए घर से निकलने, नमस्ते चौक पर बिरयानी खाने, मोबाइल बंद करने, फरीदाबाद से मेट्रो लेकर नई दिल्ली जाने, पुरानी दिल्ली से ट्रेन पकड़ने, दानापुर उतरने और वाराणसी जाकर गंगा घाट पर स्नान करने तक की जानकारी दी।

तीनों के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और उन्हें लेकर फरीदाबाद वापस लौट आए। एक मोबाइल नंबर से मिले सुराग और उसके बाद की गई लोकेशन ट्रेसिंग ने पुलिस को तीनों छात्राओं तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

इस पूरे मामले में सबसे खास बात यह रही कि तीनों छात्राओं ने दार्जिलिंग घूमने का फैसला इंटरनेट पर ट्रैवल वीडियो देखने के बाद किया था। परिवार को इसकी जानकारी दिए बिना उन्होंने यात्रा की तैयारी की और 14 अगस्त को कॉलेज से निकलने के बाद अपने सफर पर निकल पड़ीं। कई जगह बदलने के बाद आखिरकार पुलिस उनकी लोकेशन तक पहुंची और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर तीनों को सुरक्षित बरामद कर लिया।